इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के वार्षिक समारोह ‘टेक फेस्ट-2018’ में रविवार को भावी इंजीनियरों की प्रतिभा दिखी। तकनीकी प्रतियोगिताओं में विभाग के विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर शिरकत की। समारोह का समापन सोमवार को होगा जिसमें विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।
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भावी इंजीनियरों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
- फोटो : amar ujala
रविवार को मेक वार, इनोवेटिका, मी इवेंट व सांस्कृतिक कार्यक्रमों ‘टैलेंट हंट’ का भी आयोजन किया गया। मी-इवेंट में भावी इंजीनियरों को कम से कम खर्च में ज्यादा प्रभावी रोबोट बनाना था। इसमें बीटेक प्रथम वर्ष के कुशाग्र ने लाइन फॉलोवर रोबोट बनाया जो रंगों के माध्यम से रास्ता पहचान कर उस पर चल सकता था।
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ये रोबोट ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी चल सकता है। इसका प्रयोग सेना के लिए भी किया जा सकता है। इस रोबोट को बनाने की लागत केवल 450 रुपये है। प्रथम वर्ष के ही ऋषभ ने 130 रुपये में रोबोट बनाया जो बैटरी, मोटर से चलता था। इसकी भी विजिबिलिटी काफी क्लीयर थी। शुभम ने एक रिमोट कंट्रोल कार बनाई जिसमें टार्गेट फिक्स कर देने पर वह खुद रास्ता ट्रेस कर लेती है।
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भावी इंजीनियरों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
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इसमें जमीन की क्लीयरेंस भी पहचानी जा सकती है। विद्यार्थियों के रोबोट से जुड़े प्रयोग काफी सराहे गए। इनोवेटिका में हर ब्रांच के विद्यार्थियों की 10 टीमें शामिल हुईं। इसमें मैनुअल चलने वाला क्लॉथ ड्रायर काफी सराहा गया। जो साइकिल के पैडल मारने पर चलता था। एक अन्य विद्यार्थी ने ट्रेन में ब्रेक लगाने के दौरान बर्बाद होने वाली एनर्जी को डाइनमो के माध्यम से बैटरी चार्ज करने में प्रयोग करने का मॉडल प्रस्तुत किया।
भावी इंजीनियरों ने दिखाई अपनी प्रतिभा
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ट्रेन में ब्रेक लगाने के दौरान जब वो धीमी होती है तो इस पर काफी एनर्जी बर्बाद होती है। वहीं टैलेंट हंट में भावी इंजीनियरों ने एक से बढ़कर एक फिल्मी गाने व डांस प्रस्तुत किए। समन्वयक अपूर्व कुशवाहा ने बताया कि सोमवार शाम 5.30 बजे कार्यक्रम का समापन समारोह होगा।