कोर्ट के आदेश के बाद भी मुलायम सिंह के खिलाफ एफआईआर न लिखे जाने के विरोध में आईपीएस अमिताभ ठाकुर धरने पर बैठ गए हैं।
विज्ञापन
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
2 of 9
वह करीब साढ़े 11 बजे हजरतगंज थाने के बाहर पहुंच गए। वह यहां अकेले ही थे। उन्होंने थाने के बाहर कुर्सी डालकर आसन जमा लिया।
विज्ञापन
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
3 of 9
मीडिया को इस बात की खबर पहले से थी। उनके यहां आने से पहले ही मीडिया यहां पर पहुंच गया। उनके आते ही मीडिया उनसे बात करने की कोशिशों में लग गया।
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
4 of 9
अमिताभ ठाकुर 1 अक्टूबर की सुबह धरने पर बैठेंगे इसकी सूचना उन्होंने 30 सितंबर को ही मीडिया को दे दी थी। बकौल ठाकुर पुलिस की तरफ से उन्हें हिदायत भी दी गई थी कि वह धरने पर न बैठें।
विज्ञापन
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
5 of 9
कुछ देर तक अकेले कुर्सी पर बैठने के बाद अमिताभ ठाकुर ने अपने लिए चटाई मंगवा ली।
विज्ञापन
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
6 of 9
अब वह कुछ साथियों के साथ चटाई पर बैठे हैं। प्रशासन की तरफ अभी तक कोई उनसे मिलने नहीं आया है।
विज्ञापन
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
7 of 9
30 सितंबर की सुबह उनके आवास पर हजरतगंज थाने के सब इंस्पेक्टर कृष्णनंदन तिवारी को भेजा गया था, जिन्होंने उन्हें थाने पर बैठने से मना किया पर उन्होंने और उनकी पत्नी सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने कहा कि यह उनका संवैधानिक अधिकार है और उन्हें इससे कोई नहीं रोक सकता है।
कुर्सी छोड़ मुलायम के खिलाफ दरी पर बैठे अमिताभ
8 of 9
अमिताभ ठाकुर ने 10 जुलाई 2015 को सपा मुखिया मुलायम सिंह द्वारा उन्हें फोन पर धमकी देने की शिकायत की थी, जिस पर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) सोम प्रभा मिश्रा द्वारा 14 सितंबर को समुचित धाराओं में एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए गए थे।