माहवारी बीमारी नहीं है, यह किसी काम में बाधक भी नहीं और न ही इस दौरान महिलाएं व बेटियां अशुद्घ होती हैं। यह तो भगवान का दिया वह उपहार है जो सिर्फ नारी शक्ति को मिला है। इससे हम परिवार या समाज के निर्माण में सहयोग करते हैं। बेटियां असहज न हो, बे झिझक इस पर बात करें। यह कहना है अभिनेत्री पूजा गौर का। वह शनिवार को इस मुद्दे पर बेटियों व उनकी माताओं से बाराबंकी में सीधे संवाद कर रही थीं।