प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को 2014-15 के लिए बजट पेश किया। जिसमें उन्होंने विकास योजनाओं पर खासा फोकस किया।
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सोचा, समझा और फिर अखिलेश ने पढ़ा बजट
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इस बजट में अखिलेश सरकार ने लोक लुभावन योजनाओं से किनारा किया।
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खास बात यह रही कि इस बार बजट में 2014-15 के लिए पेश की गई राशि पिछले वर्ष के मुकाबले 24 फीसदी अधिक रही।
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बजट में लोकलुभावन योजनाओं के बारे में अखिलेश ने कहा कि इन योजनओं से युवक युवतियों को लाभ तो मिला, पर अब वह ग्रामीण क्षेत्रों के विकास पर फोकस करना चाहते हैं।
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बताया जा रहा है कि आम चुनाव में कारारी हार के बाद सरकार विकास पर ध्यान देना चाहती है।
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विधानमंडल सत्र के पहले दिन की तरह ही इस बार भी भाजपा सदस्यों ने सदन की कार्रवाई का बहिष्कार किया।
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यूपी सरकार का बजट न सिर्फ राज्य के लिए बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी के लिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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गौरतलब है कि सपा आम चुनाव में मात्र पांच सीटों पर ही सिमट गई थी। वहीं विशेषज्ञों का भी यह मानना था कि अगर पार्टी ने अपने रवैये में बदलाव न किया तो 2017 में सफाया तय है।
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सरकार ने बुनियादी सुविधाओं जैसे सड़क, पुल, सिंचाई और बिजली आदि के लिए पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल 82 फीसदी अधिक बजट का प्रावधान किया है।
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कुल मिलाकर सरकार ने जनता में खुद के प्रति भरोसा जगाने की कोशिश की है।