रक्षाबंधन और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर दूध, घी, तेल और सब्जी मसालों की बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए धंधेबाज खतरनाक रसायन की मिलावट कर मुनाफा कमा रहे हैं। सेहत को नुकसान पहुंचाने वाली इस मिलावट से बचने का बेहतर तरीका यही है कि हम खुद घर पर जांच कर लें कि खाद्य सामग्री शुद्ध है या नहीं। कैसे होती है मिलावट और कैसे इसे पहचाना जाए, पढ़ें यहां-
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refine oil
घी और तेल में सबसे ज्यादा मिलावट
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसके मिश्रा बताते हैं कि सरसों तेल, वनस्पति और रिफाइंड में सबसे ज्यादा मिलावट होती है। सरसों तेल में जहां राइसब्रान (चावल की भूसी), औद्योगिक पॉम ऑयल के साथ जानलेवा आर्जीमोन, बटर यलो और इंडस्ट्रियल कलर तक का इस्तेमाल होता है, वहीं वनस्पति घी में चर्बी और ब्यूट्रिक एसिड और रिफाइंड में ब्लेंडिंग ऑयल की मिलावट होती है।
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सरसों का तेल
ऐसे पकड़ें मिलावट
- सरसों तेल को हाइड्रो क्लोरिक एसिड (एचसीएल) में डालकर हिलाने पर रंग नीचे बैठ जाता है। अगर गंध ज्यादा आ रही है तो समझ जाएं कि इसे असली सरसों तेल जैसा दिखाने के लिए एसिड मिलाया गया है। तेल में राइसब्रान की मिलावट इसकी ऊपरी परत पर हल्का सा जमाव दिखाने लगती है। तीन घंटे फ्रीजर में रखकर बाहर निकालने पर इसमें सफेद दाने से दिखने लगे तो तेल मिलावटी होगा।
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ghee
घी को ऐसे पहचानें
- पांच एमएल घी और पांच एमएल एचसीएल मिलाकर हिलाने के बाद दो बूंद फरफुऑयल डालें। रंग लाल हो जाए तो समझ जाएं कि डालडा मिलाया गया है। चर्बी की पहचान घर पर जांच में संभव नहीं।
- वनस्पति घी हाथ पर रगड़ने से शरीर की गर्मी से पिघल जाए तो यह शुद्ध है। अगर दानेदार रहे और न पिघले तो मिलावटी।
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दूध से मलाई की चोरी से मोटा मुनाफा : मिलावटखोर दूध की मोटी मलाई निकालकर उसमें कार्बोनेट (खाने का सोडा), फार्मलीन, यूरिया और खराब मिल्क पाउडर और पानी मिलाकर बेचते हैं। ऐसे पकड़ें चोरी : दूध का अपना घनत्व होता है। शुद्ध दूध में अंगुली डालने पर वह इसमें चिपका रहेगा, जबकि पानी मिला दूध नहीं चिपकेगा। इसी तरह गर्म कर रैजोलिक एसिड डालने पर दूध का रंग लाल होने लगे तो समझें इसमें फार्मेलिन की मिलावट है। दूध में यूरिया, कार्बोनेट की पहचान लैब टेस्टिंग में ही संभव है।
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डेमो
- फोटो : डेमो
सिंथेटिक पनीर यानी पांच गुना कमाई : त्यौहारों पर पनीर की जबरदस्त मांग होती है। ऐसे में बाजारों में सिंथेटिक पनीर खपाया जा रहा है। स्किन्ड मिल्क की बेकार व बची हुई सामग्री को गर्म पानी में घोल देते हैं और इसमें खाने वाला सोडा के साथ दोयम दर्जेे का पॉम ऑयल व बेकिंग पाउडर मिला सिंथेटिक पनीर तैयार किया जा रहा है। इसे असली के दाम पर बेच कर पांच गुना कमाई की जा रही है। ऐसे करें पहचान : सिंथेटिक पनीर चबाने पर आसानी से नहीं कटता और रबर जैसा महसूस होता है।
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masala box
सब्जी मसालों में सिंथेटिक रंग संग बुरादा
धंधेबाज लाल मिर्च, धनिया पाउडर, पिसी हल्दी व गरम मसाले में सिंथेटिक रंग के साथ लकड़ी का बुरादा, लेड आक्साइड, लेड क्रोमेट और पीली मिट्टी, बटर येलो और ट्रटाजिन की मिलावट कर रहे हैं। इसके अलावा काली मिर्च में लाइट बेरी और पपीते के बीज, राई में आर्जीमोन के बीज मिलाकर बेच रहे हैं।
ऐसे करें जांच
- एथिल एल्कोहल में डालने से काली मिर्च में मिलाई लाइटबेरी ऊपर आ जाएगी। कुल मात्रा की 5 से 10 प्रतिशत अगर ऊपर आ जाए तो समझें काली मिर्च शुद्ध है। अगर इससे अधिक मात्रा में लाइटबेरी ऊपर आए तो इसमें मिलावट है।
- हल्दी में पानी मिला लें और इसे फिल्टर कर लें, फिर इसमें एचसीएल डाल दें तो यह गुलाबी रंग देगा। पानी डालने के बावजूद पिंक रहता है तो समझ जाएं कि मिटेनिल यलो मिला है। हल्दी शुद्ध है तो कोई रंग नहीं निकलेगा।
- लाल मिर्च को ईथर में भिगा लें। अगर मिर्च में कलर है तो यह ईथर में आ जाएगा। परखनली में रखकर एचसीएल डालें और अगर रंग बदल जाए तो समझें कि मिलावट है।