लखनऊ के गोमतीनगर में इन दिनों पुलिस और पब्लिक की साझेदारी शोहदों पर भारी पड़ रही है। इससे जहां लगाम कसने से मनचले जल्द पकड़ में आ रहे हैं तो स्थानीय पुलिस व नागरिकों में बेहतर तालमेल भी दिख रहा है। स्थानीय लोगों की सूचना पर अक्तूबर से अब तक 30 मामलों में कार्रवाई हुई है। वहीं, इलाके की युवतियों और छात्राओं को समूहों में लाकर पुलिस की कार्रवाई समझाई जा रही है। इससे उनमें अपनी सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास भी पैदा हो रहा है।
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एसीपी श्वेता श्रीवास्तव
- फोटो : अमर उजाला
जहां गलत दिखे, मैसेज करें
एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव बताती हैं कि हम रोजाना एक घंटा स्थानीय जनता से संवाद करते हैं। इसमें सोसाइटी के जिम्मेदारों के जरिये लोगों से अपील करते हैं कि वे हमें सूचना दें। जरूरी नहीं कि अपराध उनके साथ हो या शिकायतकर्ता पीड़ित ही हो। एक आम आदमी, जिसकी नजर के सामने कुछ गलत हो रहा है तो वह भी मैसेज कर सकता है। शिकायत के साथ हमें मनचलों की गाड़ी का नंबर देना होता है। शुरू में लोगों ने झिझक दिखाई, लेकिन फिर वे सूचनाएं देने लगे। नतीजतन दो महीने में स्टंट, हूटिंग व असामाजिक तत्वों के खिलाफ 30 सूचनाएं हमें स्थानीय लोगों से मिलीं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
हॉटस्पॉट चुनकर तय की गई जिम्मेदारी
एसीपी कहती हैं कि 112 पर आईं शिकायतों के आधार पर हमने कुछ हॉटस्पाट चुने हैं। यहां विशेष रूप से फोकस है और एक-एक कर हम लोगों से संवाद करेंगे। जल्द इस दिशा में स्थानीय समितियों के संग मिलकर और सख्त कदम उठाएंगे।
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डॉ धर्मेन्द्र सिंह व एसके भदौरिया
- फोटो : अमर उजाला
लोग बोले- ऐसी पहल जरूरी
विरामखंड निवासी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड साइंसेज के प्रोफेसर और डीन डॉ. धर्मेन्द्र सिंह ने कहा कि गोमतीनगर पुलिस के साथ संवाद के नतीजे दिखने लगे हैं। कम से कम घर की बच्चियां इससे सुरक्षित महसूस करेंगी। गोमतीनगर के एसके भदौरिया कहते हैं कि सुरक्षित गोमतीनगर के लिए यह पहल सराहनीय है। शिकायतों को संज्ञान में लिया जाएगा तो लोग भी ऐेसे मामले सामने लाने का साहस दिखाएंगे।