लखनऊ पुलिस का इतिहास कई रोमांचक किस्सों और जांबाजी से भरा हुआ है। यहां के अनेक पुलिस अफसर अपने काम से सुर्खियों में रहे और नागरिकों का विश्वास जीता। इस कॉलम में हम आपको ऐसे ही ‘अलग बात’ वाले वर्दीवालों से परिचित कराते हैं। इनमें प्रेम प्रकाश की अलग पहचान है। उनके कड़क तेवर से बदमाश ही नहीं लापरवाह पुलिसकर्मी भी थर्राते थे।
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आईपीएस प्रेम प्रकाश
- फोटो : डेमो
1993 बैच के आईपीएस प्रेम प्रकाश ने 12 जुलाई 09 को राजधानी में डीआईजी/एसएसपी का चार्ज संभाला। पुलिसकर्मियों को ड्यूटी पर मुस्तैद रखने के लिए उन्होंने थानों में घंटे टंगवाए और संतरी को जेल की तर्ज पर हर घंटे इन्हें बजाने का आदेश जारी किया। इससे रायफल कोने में रखकर सुस्ताने वाले पुलिसकर्मी घंटा बजाने की चिंता में सतर्क रहते थे, क्योंकि प्रेम प्रकाश खुद व उनके मुखबिर घंटे की आवाज सुनने को थानों के आसपास चक्कर काटते थे।
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आईपीएस प्रेम प्रकाश
- फोटो : डेमो
इसके अलावा उन्होंने पुलिस लाइन की तर्ज पर थानों में पुलिसकर्मियों की परेड शुरू कराई। इसमें तोंद वाले पुलिसकर्मी उनके निशाने पर रहते थे। अराजक तत्वों में पुलिस का डर और नागरिकों में मुस्तैदी का संदेश देने के इरादे से उन्होंने चौराहों पर अफसरों व थानेदारों की क्लास लेनी शुरू की। कभी विधान भवन के सामने अपर पुलिस अधीक्षकों, पुलिस उपाधीक्षक और थानेदारों को तलब करते तो कभी अंबेडकर चौराहा या पॉलीटेक्निक चौराहे पर आधी रात को बैठक के साथ अपराधियों की धरपकड़ के लिए दबिशें शुरू कराते। वह लापरवाह अधिकारियों को भी सार्वजनिक तौर पर फटकारने में नहीं हिचकते थे।
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आईपीएस प्रेम प्रकाश
- फोटो : amar ujala
यह देख थानेदार से लेकर सिपाही तक प्रेम प्रकाश के डर से हमेशा चौंकन्ने रहते और अपराधियों में पुलिस का खौफ था। प्रेम प्रकाश की कप्तानी के दौरान प्रदेश कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी का घर फूंकने व ठाकुरगंज इलाके में तिहरे हत्याकांड के साथ लाखों की डकैती हुई। पुलिस ने डकैत को मुठभेड़ में मार गिराने के साथ अन्य की धरपकड़ की। वर्तमान में बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक के पद पर तैनात प्रेम प्रकाश की कप्तानी को लोग नौ साल बाद भी याद करते हैं।
बेकसूरों को जेल से कराया रिहा
अपराधियों पर सख्त कार्रवाई कराने वाले प्रेम प्रकाश ने कोई चूक उजागर होने पर गलती सुधारने में हिचक नहीं की। नए कप्तान को खुश करने के लिए सआदतगंज व बाजार खाला पुलिस ने 13 जुलाई को तीन युवकों को गिरफ्तार कर पांच लाख की लूट का फर्जी खुलासा कर दिया। एक युवक की मां ने ‘अमर उजाला’ को बेटे की बेगुनाही के साक्ष्य सौंपते हुए गुहार लगाई। प्रमुखता से खबर छपने पर प्रेम प्रकाश ने खुद जांच कराई। वारदात अंजाम देने वाले बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ बेगुनाहों को जेल से रिहा कराया और फर्जी खुलासा करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की।