बताते हैं कि घर से भागने के लिए बदमाश छत पर चढ़े थे, जहां पर गृहहस्वामी रामहेत की पुत्री ममता सो रही थी। बदमाशों के भागने की आहट से उसकी आंख खुल गई और उसने शोर मचा दिया। शोर सुनकर उसके पिता रामहेत, माता विनीता (38), चाचा संतोष, चाची अनीता मौके पर आ गईं और बदमाशों को पकड़ लिया। कुछ देर तक बदमाशों और परिवार के बीच हाथापाई हुई।