एक ईमानदार चोर, जो चोरी करने के बहाने जज के पास जाता है और कहता है कि उसे सजा दे दी जाय। जज तो ठहरे जज, उसे कानून का पाठ पढ़ाते हुए बताते हैं कि इतनी कम रकम की चोरी पर सजा मिलने में तमाम अड़चनें हैं।
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- फोटो : amar ujala
ईमानदार चोर की कहानी दिखाते ऐसे ही नाटक ‘आधी रात के बाद’ का मंचन राय उमानाथ बली प्रेक्षागृह में चल रहे नाट्य महोत्सव के तहत हुआ।
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न्याय प्रणाली पर सवाल उठाते नाटक का निर्देशन श्रुति कीर्ति सिंह ने किया। कहानी में दिखाया गया कि ईमानदार चोर राजकुमार जज के घर चोरी करने पहुंचता है।
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यहां अपनी ईमानदारी दिखाने के अलावा वो एक बड़ी साजिश का राजफाश भी करना चाहता है। उसके पास किसी के बचाये गए सुबूत है, जिन्हें वो जज को सौंपना चाहता है।