गोमतीनगर के जैनिस अस्पताल में मरीज की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। सांस लेने में दिक्कत की समस्या के बाद महिला को जैनिस अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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परिवारीजनों का आरोप था कि डॉक्टरों ने इलाज के नाम एक लाख रुपए की रकम वसूल ली। दोबारा पैसा मांगा तो परिवारीजनों ने पैसा देने में असमर्थता जताई। इस बात से नाराज आईसीयू में तैनात डॉक्टर ने मरीज की ऑक्सीजन निकाल दी। ऑक्सीजन निकलते ही मरीज की सांस फूलने लगी। अभी कोई कुछ समझ पाता उससे पहले ही मरीज की मौत हो गई। (रोते-बिलखते मरीज के परिवारीजन।)
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महिला मरीज की मौत के बाद नाराज परिवारीजनों ने जमकर हंगामा किया। अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़ होते देख सभी डॉक्टर, स्टाफ और अन्य कर्मचारी फरार हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने समझाने की कोशिश की लेकिन इसके बाद भी देर रात तक हंगामा चलता रहा। (अस्पताल में हुई तोड़फोड़।)
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इस्माइलगंज के अनुज तिवारी की मां पुष्पा तिवारी (48) को सांस लेने में दिक्कत होने पर शुक्रवार सुबह में गोमतीनगर नगर नीलकंठ चौराहे के पास स्थित 50 बेड के जैनिस अस्पताल में भर्ती कराया गया। (मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी।)
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बेटे अनुज तिवारी ने बताया कि सुबह अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताकर आईसीयू में भर्ती कर दिया। सुबह से शाम पांच बजे तक एक लाख से अधिक की रकम वसूल ली। करीब नौ बजे आईसीयू में तैनात डॉ. अंकुर ने और पैसा जमा करने के लिए कहा। (मृत महिला के पास खड़ा उसका बेटा।)
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इस पर परिवारीजनों ने कहा कि पैसे की व्यवस्था करने के लिए थोड़ा समय चाहिए उसके बाद जमा कर देंगे। करीब सवा नौ बजे तक पैसा जमा नहीं हुआ तो डॉक्टर ने दोबारा पैसा जमा करने के लिए कहा। बेटी मीना मिश्रा ने कहा कि थोड़ी देर बाद पैसा जमा कर देंगे। (अस्पताल में मौजूद पुलिसकर्मी।)
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इससे नाराज आईसीयू में तैनात डॉक्टर ने मरीज को लगी ऑक्सीजन निकाल दी। ऑक्सीजन निकलते ही पुष्पा की सांस फूलने लगी। (अस्पताल में हुई तोड़फोड़।)
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मीना ने डॉक्टर से ऑक्सीजन लगाने के लिए कहा तो उसने अनसुना कर दिया और मीना को आईसीयू से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया। करीब साढ़े नौ बजे परिवारीजन जोर जबरदस्ती कर आईसीयू में घुसे तो डॉक्टर ने बताया कि मरीज की मौत हो चुकी है। (हंगामे के बाद अस्पताल का टूटा हुआ दरवाजा व पड़ा हुआ खून।)
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मामले की जानकारी अन्य परिवारीजनों को मिली तो 50 से अधिक लोग अस्पताल पहुंच गए। मरीज की मौत की जानकारी के बाद परिवारीजनों ने आईसीयू में लगे शीशे के गेट, कार्डियक मॉनीटर, सक्शन मशीन समेत अन्य उपकरण और दवांए तोड़फोड़ कर पूरी आईसीयू यूनिट को तहस नहस कर दिया।
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चार बेड के आईसीयू में तोड़फोड़ होते देख दूसरे मरीजों के तीमारदार अपने मरीज लेकर भाग खड़े हुए। मौके पर मौजूद भीड़ ने पहले तल पर स्थित ओटी के प्रवेश द्वार के कांच को भी तोड़ दिया।
तोडफोड़ की वजह से तीमारदारों के हाथ में गंभीर चोट लग गई जिससे आईसीयू से लेकर ओटी तक की फर्श खूना खच्चर हो गई। अस्पताल में तोड़फोड़ और हंगामा होते देख अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य कर्मचारी भाग खड़े हुए। (अस्पताल का एक दृश्य।)