फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पुलिस पर भारी अंसारी: 42 दिन, आठ राज्य और 12 टीमें, 135 से ज्यादा ठिकानों पर छापे, पर हाथ न लगा विधायक

Thu, 25 Aug 2022 10:08 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
अब्बास अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।
मऊ की सदर सीट से सुभासपा विधायक अब्बास अंसारी पुलिस पर भारी पड़ गया है। पुलिस की 12 विशेष टीमें डेढ़ महीने में 135 से अधिक ठिकानों पर छापा मार चुकी हैं, लेकिन अब्बास का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए विधायक ने राष्ट्रपति चुनाव में मतदान तक नहीं किया था। उधर, सूत्रों की माने तो अब्बास ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर कर दी है। पुलिस के लिए बृहस्पतिवार तक की मोहलत है। इसके बाद पुलिस कोर्ट में फिर से अर्जी डालेगी। बांदा जेल में बंद माफिया व पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी की तलाश में पुलिस ने बुधवार को भी कई जगह दबिश दी। मेट्रो सिटी स्थित विधायक के फ्लैट पर पूछताछ की। वजीरगंज और विधायक आवास भी गईं, लेकिन टीमें खाली हाथ रहीं। डीसीपी उत्तरी कासिम आब्दी के मुताबिक, पुलिस टीमें मऊ, वाराणसी, गाजीपुर, पंजाब और दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। 
विज्ञापन

2 of 6
अब्बास अंसारी की तलाश में छापेमारी करते पुलिसकर्मी। - फोटो : amar ujala
कई जगह दबिश भी दी है। इसके अलावा राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हैदराबाद, उत्तराखंड, पंजाब व छत्तीसगढ़ में भी अब्बास की तलाश की जा रही है। बृहस्पतिवार तक का समय कोर्ट से मिला है। इसके बाद भगोड़ा घोषित करने की अर्जी कोर्ट में डाली जाएगी। कानूनी औपचारिकता पूरी होते ही संपत्ति भी कुर्क की जाएगी। 
विज्ञापन

3 of 6
अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला
पंजाब में लोकेशन तो मिली, पर अब्बास नहीं
महानगर थाने में 2019 में विधायक अब्बास अंसारी के खिलाफ  शस्त्र लाइसेंस के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज किया गया था। पेशी से गायब रहने पर कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी किया था। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए सात टीमें बनाई थीं। गिरफ्तारी के लिए दबिश दी, पर विधायक हाथ नहीं लगा। इसी बीच सर्विलांस से उसकी लोकेशन पंजाब में मिली। तत्काल टीम भेजी गई, पर खाली हाथ रही। एक टीम को उसके संभावित ठिकानों की निगरानी के लिए वहीं रोक दिया गया।

4 of 6
अब्बास अंसारी - फोटो : अमर उजाला
12 से शुरू हुए ताबड़तोड़ छापे, पर मामला सिफर 
अब्बास को भगोड़ा घोषित करने के लिए पुलिस ने 11 अगस्त को अर्जी दी थी। इसे कोर्ट ने खारिज करते हुए 25 अगस्त तक गिरफ्तार करने का समय दिया था। इसके बाद 12 अगस्त से पुलिस ने लखनऊ में ताबड़तोड़ छापे मारने शुरू किए। मेट्रो सिटी स्थित विधायक के फ्लैट, चचेरे विधायक भाई मन्नू अंसारी के फ्लैट और दारुलशफा स्थित सरकारी आवास पर छापा मारा था, लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लगा।  
विज्ञापन

5 of 6
अब्बास अंसारी - फोटो : सोशल मीडिया।
मुख्तार के करीबी छह गैंगस्टरों की संपत्ति खंगाल रही पुलिस
मुख्तार अंसारी के गिरोह पर और शिकंजा कसने के लिए पुलिस ने छह गैंगस्टरों की संपत्ति खंगालनी शुरू कर दी हैं। दो गैंगस्टर मुख्तार के करीबी सुरेंद्र कालिया से जुड़े हैं, जबकि चार गैंगस्टर लखनऊ, वाराणसी और बांदा जेल में बंद हैं। मुख्तार के करीबी जुगनू वालिया की संपत्ति भी पुलिस ने खंगाली है।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
abbas ansari - फोटो : अमर उजाला
इस पर इनाम भी घोषित है। रेस्टोरेंट संचालक हत्याकांड में जुगनू फरार है। जुगनू की आलमबाग के अलावा कई जगह संपत्तियां हैं। एसीपी के नेतृत्व में बनी तीन टीमें जुगनू की संपत्ति तलाशने में जुटी हैं। वहीं, वजीरगंज में रहने वाले मुख्तार के एक करीबी की सिटी स्टेशन के पास संपत्ति है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें