1911 में पहला बैच : एमबीबीएस का पहला बैच 31 छात्रों के साथ 1911 में शुरू हुआ। मुख्य भवन को पहले मच्छी भवन कहा जाता था। शुरुआत में यह संस्थान इलाहाबाद विवि से संबद्ध था। उसके बाद लखनऊ विवि से संबद्ध हुआ। पहले यहां 232 बेड का अस्पताल था। इस बीच यहां देश के साथ ही विदेश के छात्र भी शिक्षा ग्रहण करते रहे।
1949 में शुरू हुआ डेंटल कॉलेज: वर्ष 1949 में दूसरी फैकल्टी के रूप में डेंटल कॉलेज शुरू हुआ। पहले सत्र में 10 स्टूडेंट्स ने बीडीएस में एडमिशन लिया। इसके बाद 1956 में पैथोलॉजी सहित अन्य जांच सुविधाएं शुरू हुईं।
2002 में विश्वविद्यालय का दर्जा मिला: 16 सितंबर 2002 को इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला। 2007 में तत्कालीन सरकार ने इसका नाम छत्रपति साहूजी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय कर दिया, लेकिन पांच साल बाद सत्ता बदलते ही इसे पुराना नाम किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी मिल गया।