अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के कस्बा महोना में एक घर में मिले सभी 11 लोगों के शवों को बृहस्पतिवार दफना दिया गया। एक साथ इतनी कब्रें खुदी देखकर लोगों का कलेजा कांप गया।
विज्ञापन
2 of 11
शवों को बृहस्पतिवार सुबह कमरौली थाना क्षेत्र स्थित उनके पैतृक गांव बहादुरपुर लाया गया। दोपहर बाद भारी भीड़ की मौजूदगी में सभी को दफना दिया गया। इस दौरान पुलिस व प्रशासन के बड़े अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
3 of 11
पोस्टमार्टम के बाद जब शव घर पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लग गई।
4 of 11
कमरौली थाने के बहादुरपुर गांव का रहने वाला जमालुद्दीन अरसा पूर्व से महोना कस्बे में बैट्री व गैसे चूल्हा रिपेयरिंग आदि की दुकान करता था।
विज्ञापन
5 of 11
मामले पर खुलासा हुआ है कि निशाने पर महिलाएं ही थीं। सात लड़कियों व तीन महिलाओं समेत 10 लोगों की हत्या एक ही बांके से हुई है।
विज्ञापन
6 of 11
अंतिम यात्रा में शामिल हुए लोग।
विज्ञापन
7 of 11
बुधवार सुबह जमालुद्दीन (45) का शव जहां अपने ही घर में फांसी के फंदे पर झूलता मिला था वहीं जमालुद्दीन की पुत्री आफरीन (18), मरियम (11), सानिया (8) व उजमा (5) के अलावा जमालुद्दीन के छह वर्ष पूर्व मृत भाई शमसुद्दीन की पत्नी हुस्ना बानो (35), पुत्री रुबीना बानो (17) व तहसीन बानो (8) और जमालुद्दीन के भाई रईस (पांच वर्ष पूर्व लापता) की पत्नी तबस्सुम (30), पुत्री महक (7) व निगार फातिमा (6) के शव रजाई से ढके मिले थे।
8 of 11
इन सभी की गला काटकर हत्या की गई थी। घटना के बाद मौके पर पहुंचे अधिकारियों की मौजूदगी में सभी के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल सुल्तानपुर भेजा गया था।
9 of 11
बृहस्पतिवार सुबह सभी मृतकों के शव कड़ी सुरक्षा के बीच बहादुरपुर गांव लाए गए। दोपहर बाद गांव के कुछ दूर पर स्थित सहाबा में सभी के शवों को दफन कर दिया गया।
10 of 11
मृतकों को दफन किए जाते वक्त न सिर्फ बड़ी संख्या में हुजूम मौजूद रहा बल्कि एएसपी टीएन त्रिपाठी के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। एक साथ अलग-अलग कब्र में 11 शवों को दफन करते वक्त भीड़ में मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।