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आज का योगासन: स्ट्रोक के खतरे से रहना है सुरक्षित तो यह चार योगासन हैं सबसे बेहतर विकल्प

Tue, 23 Nov 2021 11:27 AM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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स्ट्रोक से बचाव के उपाय - फोटो : Pixabay
जीवन में बढ़ रहे तनाव, जीवनशैली और आहार की गड़बड़ी के कारण तमाम तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ता जा रहा है। स्ट्रोक की बढ़ती समस्या को इसी का एक कारण माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रोक तब होता है जब मस्तिष्क के किसी हिस्से को ऑक्सीजन युक्त रक्त की निरंतर आपूर्ति प्रभावित हो जाती है। आमतौर पर ऐसी स्थिति मस्तिष्क को रक्त की आपूर्ति करने वाले वाहिकाओं में रुकावट के कारण होती है। स्ट्रोक की समस्या कई स्थितियों में जानलेवा भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक जीवनशैली में बदलाव करके इस तरह की समस्या के खतरे को कम किया जा सकता है। इसके लिए दिनचर्या में योग और व्यायाम को शामिल करना लाभदायक हो सकता है। योग के माध्यम से समग्र स्वास्थ्य में सुधार और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। आइए ऐसे कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं। 
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प्राणायाम करने के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
कपालभाति प्राणायाम
प्राणायाम का अभ्यास करना मस्तिष्क के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सबसे आवश्यक माना जाता है। इसमें भी कपालभाति प्राणायाम को विशेष लाभदायक माना जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक स्ट्रोक के खतरे से बचे रहने या स्ट्रोक के शिकार लोगों के लिए रोजाना यह योगाभ्यास बेहद फायदेमंद हो सकता है। यह मस्तिष्क की कोशिकाओं का स्वस्थ बनाए रखने के साथ रक्त के संचार को बढ़ावा देता है। 
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भुजंगासन योग के लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन
भुजंगासन या कोबरा पोज उन अभ्यासों में से एक है जो मस्तिष्क के कार्यों को ठीक बनाए रखने में मदद करती हैं। मस्तिष्क की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने और रक्त के संचार को बढ़ाने में इस योगासन को विशेष लाभदायक माना जाता है। याददाश्त से संबंधित दिक्कतों के लिए भी स्वास्थ्य विशेषज्ञ भुजंगासन के अभ्यास की सलाह देते हैं।

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ताड़ासन के फायदे - फोटो : iStock
ताड़ासन
ताड़ासन या माउंटेन पोज, शरीर की सभी मांसपेशियों को फैलाती है। मस्तिष्क को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी इस योग के नियमित अभ्यास को लाभदायक माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले एकदम सीधे खड़े हो जाएं, हाथों को एकदम सीधा रखें। गहरी सांस लेते हुए दोनों हाथों को सिर के ऊपर उठाएं और उंगलियों को आपस में जोड़ते हुए स्ट्रेच करें। शरीर का भार पैर की उंगलियों पर रखें। कुछ सेकेंड्स के लिए इस स्थिति में रहें।
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धनुरासन करने के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : social media
धनुरासन
अग्न्याशय सहित पेट की तमाम समस्याओं के खतरे को कम करने के साथ धनुरासन का अभ्यास मस्तिष्क को स्वस्थ रखने में भी लाभदायक माना जाता है। स्ट्रोक के खतरे से खुद को सुरक्षित रखने के लिए धनुरासन का नियमित अभ्यास करना आपके लिए लाभदायक हो सकता है। इस योग को करने के लिए सबसे पहले आपको पेट के बल लेटना है और अपने घुटनों को अपने कूल्हों की ओर मोड़ना है। अब अपने हाथों से अपने टखनों को पकड़ें। अब अपने पैरों और बाजुओं को जितना हो सके ऊपर उठाएं और अपना चेहरा ऊपर रखें। जब तक आप कर सकते हैं तब तक इस मुद्रा में बने रहने का प्रयास करें।


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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