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Yoga Tips: त्वचा रहेगी स्वस्थ और बालों को मिलेगी मजबूती, इन योगाभ्यासों की आदत बनाकर बने रह सकते हैं जवां

Thu, 06 Oct 2022 12:03 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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त्वचा से संबंधित समस्याओं को कैसे कम करें? - फोटो : istock
मानसिक-शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की सलाह देते हैं। योग सिर्फ हमारे शरीर के लिए ही नहीं बल्कि हमारे मन और आत्मा के लिए भी लाभकारी है। मांसपेशियों-हड्डियों को सेहतमंद बनाए रखने के साथ रक्त के संचार को बढ़ाकर त्वचा और बालों को स्वस्थ बनाए रखने के लिए भी योगासनों के अभ्यास को लाभकारी माना जाता है। विशेषज्ञ कहते हैं, नियमित रूप से योगासनों के अभ्यास की आदत उम्र बढ़ने के साथ त्वचा पर इसके दिखने वाले प्रभावों को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

योग विशेषज्ञ कहते हैं, त्वचा और बालों को स्वस्थ और जवां बनाए रखने के लिए योग सबसे कारगर प्राकृतिक विकल्पों में से एक है। यह लाइफस्टाइल की समस्याओं के जोखिम को कम करने के साथ आपको कई प्रकार की बीमारियों से बचाए रखने में भी सहायक है।

योग को मानसिक स्वास्थ्य लाभ के लिए भी जाना जाता है, यह तनाव-चिंता को कम करने में भी सहायक है। अध्ययनों में पाया गया है कि इस प्रकार के मानसिक स्वास्थ्य विकारों के शिकार लोगों में उम्र बढ़ने के लक्षण अपेक्षाकृत जल्दी नजर आने लगते हैं। आइए जानते हैं कि किन योगासनों को दिनचर्या में शामिल करके 50 की आयु तक भी जवां बने रह सकते हैं?
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अधोमुख शवासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : iStock
अधोमुख शवासन योग से मिलता है लाभ

अधोमुख शवासन योग के अभ्यास की आदत शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में कारगर है। शरीर से अतिरिक्त फैट को कम करने और ऊपरी हिस्से में रक्त के संचार को बढ़ाने में इस योग को बेहद कारगर माना जाता है। त्वचा की कई तरह की समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी अधोमुख शवासन योग के नियमित अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। बालों को पोषण देने में इस योग के विशेष लाभ हैं।
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पवनमुक्तासन योग के लाभ - फोटो : pixabay
पवनमुक्तासन योग का करिए अभ्यास

पाचन से संबंधित विकार न सिर्फ पेट की दिक्कतों का कारण बनते हैं साथ ही इसके कारण पेट के अंगों के कार्य पर भी नकारात्मक असर हो सकता है। पाचन ठीक न रहने के कारण टॉक्सिन्स  की मात्रा बढ़ने लगती है जो त्वचा और बालों की सेहत को प्रभावित करने के साथ शरीर में और भी कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाने वाली हो सकती है। पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में पवनमुक्तासन योग से विशेष लाभ मिलता है। यह त्वचा और बालों को होने वाली क्षति को कम करने में भी सहायक अभ्यास है।
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अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Istock
प्राणायाम की बनाएं आदत

प्राणायाम का अभ्यास संपूर्ण शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी है। नियमित रूप से प्राणायाम का अभ्यास करने वाले लोगों में त्वचा की चमक बनी रहती है। भस्त्रिका, उज्जायी और भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास से मानसिक स्वास्थ्य विकारों का खतरा कम होता है जिससे हार्मोन्स संतुलन बना रहता है और बाल-त्वचा विकारों का जोखिम कम होता है। नियमित रूप से प्राणायाम की आदत जरूर बनाएं। 



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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