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Yoga Tips: फ्रोजन शोल्डर और हाथों के दर्द में पा सकते हैं आराम, इन योगासनों का करें अभ्यास

Mon, 31 Oct 2022 01:09 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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फ्रोजन शोल़्डर की समस्या के लिए योग - फोटो : Istock
एक ही जगह पर लंबे समय तक बैठे रहने वाले काम, बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता ने लोगों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा दिया है। शारीरिक निष्क्रियता के कारण समय के साथ मांसपेशियों में कठोरता आने लगती है और शरीर का लचीलापन कम हो जाता है। यह स्थिति कई अंगों के सामान्य कामकाज को प्रभावित करने वाली मानी जाती है। इसी तरह की दिक्कतों के कारण लोगों में फ्रोजन शोल्डर और हाथों-पैरों में दर्द की समस्या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।

फ्रोजन शोल्डर की स्थिति में हाथों को ऊपर उठाना काफी कठिन हो जाता है, यह स्थिति जीवन के सामान्य कामकाज को भी प्रभावित कर देती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, योग को दिनचर्या में शामिल करके मांसपेशियों में होने वाली इस तरह की दिक्कतों को कम करने में मदद मिल सकती है।  फ्रोजन शोल्डर और हाथों के दर्द की दिक्कतों में भी योगासनों के अभ्यास से शीघ्र लाभ पाया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इस तरह की समस्याओं में विशेषज्ञ किन योगासनों के अभ्यास को लाभकारी मानते हैं? दिनचर्या में इन आसनों को जरूर शामिल किया जाना चाहिए।
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अर्ध मत्स्येन्द्रासन योग से कंधों की स्ट्रेचिंग - फोटो : Pixabay
अर्धमत्स्येन्द्रासन का करिए अभ्यास

अर्धमत्स्येन्द्रासन के नियमित अभ्यास को शरीर की कई प्रकार की समस्याओं के जोखिम को कम करने वाला माना जाता है। फ्रोजन शोल्डर की समस्या और इसके दर्द को कम करने के लिए इस योग के अभ्यास से लाभ मिल सकते हैं। इस योग के अभ्यास की आदत सांस लेने में तकलीफ, तनाव-चिंता जैसे विकारों को कम करने में भी आपके लिए सहायक है। शरीर के ऊपरी हिस्से को मुड़ने से पीठ और कंधों पर खिंचाव पैदा होता है, जिससे दर्द से राहत मिलती है।
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भुजंगासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : Pixabay
भुजंगासन योग से लाभ

भुजंगासन योग को शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। ऊपरी शरीर के बेहतर अभ्यास के साथ गर्दन से लेकर कंधे और पीठ तक की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और रक्त के संचार को बढ़ाकर दर्द से राहत दिलाने में इस योग के लाभ हो सकते हैं। इस योग को पेट की चर्बी से छुटकारा पाने में भी मददगार माना जाता है, इसके साथ पीठ की मांसपेशियों के लचीलेपन को बढ़ाने और रीढ़ को मजबूती देने में भी इस योग के नियमित अभ्यास से लाभ हो सकता है। 
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धनुरासन योग से स्ट्रेचिंग में मिलता है लाभ - फोटो : Istock
धनुरासन योग का करिए अभ्यास

धनुरासन योग को पीठ की समस्याओं से राहत दिलाने वाले अभ्यास के तौर पर जाना जाता है, जो छाती, गर्दन और कंधों के लिए भी लाभकारी है। तनाव को कम करने में भी इस योग से लाभ पाया जा सकता है। धनुरासन में शरीर को मोड़ने की आवश्यकता होती है, ऐसे में इसे स्ट्रेचिंग के सबसे प्रभावी योगाभ्यास के रूप में भी जाना जाता है। धनुरासन योग के रोजाना अभ्यास की आदत पाचन अंगों से लेकर कंधे और पीठ की समस्याओं से आपको राहत दिला सकती है।


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नोट: यह लेख स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है। 

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
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