पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) महिलाओं में प्रजनन से संबंधित समस्या है, जिसके लिए हार्मोनल विकारों को प्रमुख कारण माना जाता रहा है। आंकड़ों के मुताबिक देश में हर पांच में से एक महिला पीसीओएस की समस्या से पीड़ित है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सही समय पर समस्या का निदान और इसकी जागरूकता बांझपन के जोखिमों से बचा सकती है। यह किशोरावस्था के दौरान होने वाली दिक्कत है, जिसके रोगी तेजी से बढ़ रहे हैं। लाइफस्टाइल और आहार में गड़बड़ी को इसका प्रमुख कारक माना जाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पीसीओएस पर गंभीरता से ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि यह प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करके पीसीओएस से बचाव और इसकी जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
आइए इसके लक्षणों और इस समस्या में कारगर योगासनों के बारे में विस्तार से जानते हैं।