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Yoga Tips: पेंक्रियाज की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं ये आसन, डायबिटीज और पाचन तंत्र की समस्याओं में भी लाभकारी

Fri, 30 Sep 2022 12:43 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अग्नाशय को स्वस्थ रखने के लिए करें योग - फोटो : istock
शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने के लिए सभी अंगों के बेहतर तरीके से काम करते रहने पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। शरीर को ठीक तरीके से काम करते रहने के लिए पेंक्रियाज यानी कि अग्न्याशय का स्वस्थ रहना बहुत आवश्यक माना जाता है। यह अंग एंजाइमों को उत्पन्न करके पाचन को ठीक रखने में मदद करते हैं। इसके साथ रक्तप्रवाह में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करने वाले हार्मोन को रिलीज करने में भी इस अंग की विशेष भूमिका होती है। यही कारण है कि डायबिटीज के रोगियों को पेंक्रियाज को स्वस्थ रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह दी जाती है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, अग्न्याशय को स्वास्थ्य बनाए रखने और इसकी कार्यक्षमता को सुधारने के लिए योग सर्वोत्तम तरीकों में से एक है। नियमित योग-व्यायाम की आदत बनाना अग्न्याशय के स्वास्थ्य को बनाए रखने और इसकी कार्यक्षमता को सुधारने में सहायक माना जाता है। योग के माध्यम से पेंक्रियाज में होने वाली दिक्कतों के कारण उत्पन्न अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को भी कम करने में मदद मिल सकती है।

आइए जानते हैं कि रोजाना किन योगासनों की आदत पेंक्रियाज को स्वस्थ रखने और इसके कारण होने वाली समस्याओं के जोखिम से बचाने में आपके लिए सहायक हो सकती है?
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गोमुखासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : istock
गोमुखासन योग से अग्नाश्य को मिलता है लाभ

गोमुखासन योग के अभ्यास की आदत को कई प्रकार की शारीरिक समस्याओं के जोखिम को कम करने वाला माना जाता है। इस योग के अभ्यास की आदत किडनी, मूत्राशय को मजबूत करने और पाचन को सुधारने में आपके लिए सहायक हो सकती है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या रहती है, उन्हें इस योग के अभ्यास से लाभ मिल सकता है। यह आसन इंसुलिन की कार्यक्षमता को बढ़ाने के साथ ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में भी मददगार है। 
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पेट के अंगों के लिए योगासन - फोटो : Pixabay
उत्तानासन योग करने के लाभ

उत्तानासन योग के अभ्यास के लिए शरीर की सामने की तरफ बिल्कुल सीधा रखते हुए झुकाने की आवश्यकता होती है, इस योग के अभ्यास से पूरे शरीर की बेहतर तरीके से स्ट्रेचिंग हो जाती है। पाचन अंगों पर दबाव डालकर यह अंग अग्नाशय की कार्यक्षमता में सुधार करने में आपके लिए सहायक है। उत्तानासन योग के अभ्यास को नियमित रूप से दिनचर्या में शामिल करने से शरीर के कई अंगों में दर्द को कम करने और हृदय-फेफड़ों की कार्यक्षमता और रक्त के संचार को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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योग के नियमित अभ्यास की बनाएं आदत - फोटो : Pixabay
मयूरासन योग करने के लाभ

मयूरासन को भी पेंक्रियाज की कार्यक्षमता बढ़ाने और संतुलन को बेहतर करने में कारगर योगासनों में से एक माना जाता है। यह मुद्रा फेफड़े, गुर्दे, अग्न्याशय और लिवर को उत्तेजित करने के लिए विशेष रूप से सहायक है। इसके अलावा गैस और मधुमेह जैसे रोगों के लक्षणों को कम करने में भी इस योग के अभ्यास से राहत पाया जा सकता है। मयूरासन योग के लिए विशेष एकाग्रता की आवश्यकता होती है, इसे विशेषज्ञ की निगरानी में करने की सलाह दी जाती है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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