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Yoga Tips: किडनी है स्वस्थ तो शरीर की विषाक्तता होगी कम, इन योगासनों के नियमित अभ्यास से पा सकते हैं विशेष लाभ

Fri, 07 Oct 2022 12:38 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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किडनी को स्वस्थ रखने के लिए करें योग - फोटो : istock
किडनी, शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो रक्त को फिल्टर करने में मदद करती है। शरीर से अपशिष्ट और अतिरिक्त तरल पदार्थ को निकालने और विषाक्तता कम करने के लिए किडनी का स्वस्थ रहना आवश्यक माना जाता है। यदि किडनी ठीक तरीके से काम नहीं कर पाती है तो शरीर में विषाक्त्ता बढ़ने का भी खतरा रहता है, जो कई प्रकार की गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती है। किडनी की कुछ बीमारियों को गंभीर समस्याकारक और जानलेवा भी माना जाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, किडनी और पेट के अन्य अंगों को स्वस्थ रखने में योगासनों के अभ्यास की आदत विशेष लाभकारी मानी जाती है। योग का अभ्यास न सिर्फ किडनी को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करती है साथ ही शरीर से विषाक्तता को कम करने में भी इससे कई प्रकार के लाभ हो सकते हैं।

डॉक्टर्स कहते हैं, सभी लोगों को दिनचर्या में नियमित रूप से योगासनों को शामिल करने की आदत बनानी चाहिए, जिससे शरीर को स्वस्थ रखा जा सके। आइए जानते हैं कि इसके लिए किन योगासनों के अभ्यास की मदद ली जा सकती है?
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शलभासन के फायदे - फोटो : istock
शलभासन योग के अभ्यास से होने वाले लाभ

शलभासन योग मुद्रा शरीर को कई प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने में मदद करती है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाने में भी इस योगाभ्यास के विशेष लाभ हैं। योग विशेषज्ञ बताते हैं पेट के अंगों को स्वस्थ और उनके कार्यों को बेहतर बनाए रखने में शलभासन योग के अभ्यास की आदत बनाना काफी लाभकारी माना जाता है। इस अभ्यास से किडनी का कार्य बेहतर होता है और शरीर से विषाक्तता को कम करने में भी मदद मिलती है।
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पश्चिमोत्तानासन योग करने के लाभ - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग से किडनी होती है मजबूत

दोनों पैरों को सीधा रखकर आगे की ओर झुकने वाले इस योगाभ्यास को पेट के तमाम अंगों को स्वस्थ और फिट बनाए रखने के लिए विशेष लाभकारी माना जाता है। पश्चिमोत्तानासन योग, किडनी की कार्यक्षमता में सुधार करने के साथ पाचन को ठीक रखने और मासिक धर्म से संबंधित जटिलताओं को कम करने में आपकी मदद कर सकती है। किडनी के कार्यों को उत्तेजित करने के साथ पश्चिमोत्तानासन योग के अभ्यास की आदत शरीर की विषाक्तता को कम करने में भी आपके लिए फायदेमंद है। 
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नौकासन के फायदे - फोटो : istock
नौकासन योग से मिलता है लाभ

नौकासन योग मुद्रा, पेट के अंगों को मजबूत और इसके कार्यों को बेहतर बनाने में आपके लिए विशेष लाभकारी है। अध्ययनों में पाया गया है कि किडनी की सेहत को बेहतर रखने और इससे संबंधित कई प्रकार की जटिलताओं को कम करने में भी नौकासन योग से लाभ मिल सकता है। पाचन तंत्र को ठीक रखने में भी इस योग से विशेष लाभ प्राप्त किया जा सकता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, प्रोस्टेट की समस्याओं में भी इस योग के अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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