पर्वतारोही सुभाष तारण
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पहाड़ों पर बर्फ के स्वभाव का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल
इन संस्थानों से युवाओं को मुख्य रूप से बेसिक, एडवांस, मेथड ऑफ इंस्ट्रक्शन और सर्च एंड रेस्क्यू जैसे कोर्स करवाए जाते हैं। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान पर्वतारोहण के क्षेत्र में एशिया के सर्वश्रेष्ठ सरकारी संस्थान के तौर पर जाना जाता हैं। बकौल सुभाष, बतौर प्रशिक्षु एनआईएम को लेकर मेरा भी यही तजुर्बा है।
पर्वतारोहण के लिए जिस जरूरी कड़े प्रशिक्षण, उचित खानपान, अनुशासन, और आधुनिक तकनीकों की जरूरत होती है, उसकी गुणवत्ता के साथ यहां कोई समझौता नहीं किया जाता। द्रौपदी का डांडा-2, जहां यह दुर्घटना हुई, एनआईएम पिछले कई दशकों से एडवांस कोर्स के प्रशिक्षणार्थियों को वहां प्रशिक्षण के लिए लेकर जाता रहा है, लेकिन पहाड़ों पर बर्फ के स्वभाव का अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल होता है।