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आज का योग टिप्स: इन तीन आसनों का नियमित अभ्यास गठिया-रीढ़ की समस्याओं से रखेगा सुरक्षित, दिनचर्या में जरूर करें शामिल

Thu, 28 Apr 2022 11:03 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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नियमित योगासन करने के लाभ - फोटो : Istock
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा समय में ज्यादातर बीमारियों का प्रमुख कारण जीवनशैली और खान-पान में गड़बड़ी होना है। यही कारण है कि एक दशक पहले तक जो स्वास्थ्य समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ हुआ करती थीं, उनसे अब कम उम्र में भी लोग शिकार हो रहे हैं। गठिया, पीठ-कमर और रीढ़ में दर्द की दिक्कतें इसका उदाहरण हैं। जीवनशैली में बढ़ती शारीरिक निष्क्रियता और एक स्थान पर लगातार बैठे रहने की आदत आपको धीरे-धीरे गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार बनाती जा रही है। इन विकारों से बचे रहने के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की आदत आपके लिए विशेष मददगार हो सकती है।

शोध बताते हैं कि अगर आप शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं तो गठिया और रीढ़ से संबंधित समस्याओं से आसानी से बचाव किया जा सकता है। योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना इसमें आपके लिए बेहतर विकल्प हो सकता है। कई तरह के योगासनों को रक्त के संचार को बढ़ाने, मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और उम्र के साथ होने वाली शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं से राहत दिलाने में काफी फायदेमंद पाया गया है। आइए जानते हैं कि किन आसनों का अभ्यास करके आप गठिया और रीढ़ की समस्याओं से सुरक्षित रह सकते हैं?
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वीरभद्रासन योग के क्या फायदे हैं? - फोटो : Pixabay
वीरभद्रासन योग है लाभदायक

योग विशेषज्ञों के मुताबिक वीरभद्रासन योग का नियमित अभ्यास शरीर की मांसपेशियों और हड्डियों को स्वस्थ रखने में काफी मददगार हो सकता है। हाथ, पैर और पीठ के निचले हिस्से को मजबूत बनाने के साथ गठिया की समस्याओं से राहत दिलाने में इस योग को काफी कारगर माना जाता है। जिन लोगों को फ्रोजन शोल्डर की दिक्कत होती है, वह भी इस योग का नियमित अभ्यास करके लाभ पा सकते हैं। हालांकि किसी भी योग को करने से पहले अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुरूप विशेषज्ञों की सलाह जरूर ले लें, वरना इससे नुकसान हो सकता है। 
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रीढ़ की समस्याओं के लिए योग - फोटो : Pixabay
वृक्षासन योग का करें अभ्यास

वृक्षासन योग या ट्री पोज का नियमित अभ्यास सिर से लेकर पैर तक की बेहतर स्ट्रेचिंग, रक्त के संचार को बढ़ाने, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखने और जोड़ों की समस्याओं से राहत दिलाने में आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। शारीरिक संतुलन में सुधार करने के साथ पैरों और पीठ को मजबूत करने में भी इस योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकती है। वृक्षासन योग आपकी एकाग्रता, शारीरिक संतुलन और समन्वय को ठीक रखने का सबसे कारगर योगाभ्यास माना जाता है। 
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सेतुबंधासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
ब्रिज पोज योग

ब्रिज पोज योग पीठ की मांसपेशियों, छाती, गर्दन और रीढ़ को स्ट्रेच करने का सबसे सुलभ योगासभ्यास है। जिन लोगों को पीठ या कमर दर्द की परेशानी होती है, उनके लिए नियमित रूप से ब्रिज पोज योग करने के लाभ हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हड्डियों से संबंधित ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव के लिए भी इस योग के अभ्यास की आदत आपको लाभ दे सकती है। यह आसन शरीर में रक्त के संचार को बेहतर रखने में सहायक है जिससे मांसपेशियों को स्वस्थ रखने और अंगों के कार्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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