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Yoga Tips: गर्दन के पीछे निकल रहा है कूबड़? नियमित करें इन योगासनों का अभ्यास

Fri, 27 Oct 2023 09:44 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
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कूबड़ - फोटो : istock
Yoga Asanas To Reduce Neck Humps: अधिकांश लोग स्मार्टफोन, कंप्यूटर और लैपटॉप का उपयोग बहुत अधिक अवधि तक करते हैं। इस कारण लोगों को कई तरह की शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ जाता है। गलत पोश्चर और दोषपूर्ण जीवनशैली के कारण अंग विन्यास विकृत हो जाता है, यानी बैठने की मुद्रा दोषपूर्ण हो जाती है। ऐसे में डेस्क वर्क करते समय अपनी रीढ़ की हड्डी की मुद्रा सही रखें। रीढ़ एकदम सीधी, चेस्ट थोड़ी फैली हुई, ठुड्डी ऊपर की ओर इशारा करते हुए, कंधे चौड़े और आराम मुद्रा में और पेट अंदर की ओर रखना चाहिए।

हालांकि गलत पोस्चर से गर्दन या पीठ पर कूबड़ निकलने की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक गलत स्थिति में बैठने की वजह से गर्दन पर काफी फैट जमा हो जाता है और नेक हंप यानी कूबड़ निकल सकता है। कूबड़ की समस्या से बचने के लिए सही पोस्चर में बैठें। साथ ही गर्दन के कूबड़ को ठीक करने के लिए योगासनों का अभ्यास भी कर सकते हैं। कूबड़ कम करने के लिए इन योगासनों का करें अभ्यास।
 
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भुजंगासन - फोटो : Istock
भुजंगासन

गर्दन के कूबड़ को कम करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेटकर कोहनियों को कमर से सटा के रखे और हथेलियां ऊपर की ओर रखें। सांस भरते हुए छाती को ऊपर की ओर उठाएं और पेट के भाग को धीरे धीरे ऊपर उठाएं। इस स्थिति में कुछ सेकेंड रुकें। अब सांस छोड़ते हुए पेट, छाती, और फिर सिर को धीरे धीरे जमीन की ओर नीचे ले जाएं।
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बालासन - फोटो : pixabay
बालासन

इस आसन को करने के लिए घुटने के बल बैठकर शरीर का भार एड़ियों पर डालें। गहरी सांस भरते हुए आगे की ओर झुकें, प्रयास करें कि जांघों से सीने को छुएं। अब माथे से फर्श को छूने का प्रयास करें। इस अवस्था में कुछ देर रहने के बाद सामान्य अवस्था में आ जाएं।

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शलभासन के फायदे - फोटो : istock
शलभासन

कूबड़ से छुटकारा पाने के लिए शलभासन का अभ्यास भी फायदेमंद है। इस आसन को करने के लिए जमीन पर पेट के बल लेटकर हथेलियों को जांघों के नीचे  रखें। सिर, गर्दन और मुंह को सीधा रखें। लंबी गहरी सांस लेते हुए दोनों पैरों को एक साथ ऊपर की ओर उठाने का प्रयास करें। इस मुद्रा में 10- 15 सेकेंड रखें। फिर पैरों को नीचे लाएं। अब श्वास छोड़ते हुए सामान्य स्थिति में आ जाएं। इस आसन को 3-5 बार दोहराएं।
 
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hamsasana - फोटो : istock
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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