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Yoga Tips: श्वसन तंत्र की समस्याओं को दूर करने में योगासनों से मिलता है लाभ? जानिए विशेषज्ञों की सलाह

Sat, 03 Sep 2022 12:29 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांस की समस्याओं में योग के लाभ - फोटो : iStock
योगासनों को शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। योग विशेषज्ञ कहते हैं, यदि हम सभी रोजाना योगाभ्यास की आदत बना लें तो मौजूदा समय में बढ़ रही कई गंभीर बीमारियों के जोखिम को आसानी से कम करने में मदद मिल सकती है। योग को क्रोनिक स्वास्थ्य समस्याों के जोखिम को कम करने वाला भी माना जाता है, ऐसे में सवाल उठता है कि क्या योगाभ्यास से श्वसन तंत्र की समस्याओं में भी लाभ पाया जा सकता है?

श्वसन से संबंधित कई तरह की बीमारियों के जोखिम को योगासनों से कम करने में मदद मिल सकती है। अध्ययनों में पाया गया है कि कुछ अभ्यास फेफड़ों को स्वस्थ बनाए रखने के साथ श्वसन प्रक्रिया को आसान बनाने और इसकी जटिलताओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं। आइए ऐसे ही कुछ अभ्यास के बारे में जानते हैं, जो श्वसन तंत्र की समस्याओं को दूर करने में सहायक हो सकते हैं। 
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सांस की समस्याओं में कौन से योग करें? - फोटो : iStock
सुखासन योग से मिलता है लाभ

सुखासन योग को कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य की समस्याओं में लाभकारी अभ्यास के तौर पर जाना जाता है। फेफड़ों की विसंगतियों को दूर करने के साथ रक्त के प्रवाह को उत्तेजित करने में इस योग के विशेष लाभ हैं।  यह आसन न केवल आपके ध्यान और एकाग्रता को बढ़ाता है, बल्कि श्वसन संबंधी विकारों और खांसी-सर्दी के लक्षणों को कम करने में भी सहायक है। नियमित रूप से इसका अभ्यास करने से तनाव और चिंता भी कम होती है। जिन लोगों को क्रोनिक श्वसन समस्याएं हैं उनको इस योग के अभ्यास से लाभ मिल सकता है।
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भुजंगासन योग के अभ्यास से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Istock
भुजंगासन के लाभ

भुजंगासन या कोबारा पोज को वैसे तो कमर और पीठ के दर्द को दूर करने के लिए विशेष लाभकारी माना जाता रहा है, पर विशेषज्ञ बताते हैं, यह श्वसन से संबंधित दिक्कतों को कम करने में भी आपके लिए सहायक है। कोबरा पोज न केवल मानसिक शांति में मदद करने वाला अभ्यास है बल्कि छाती और फेफड़ों के लिए भी इसे काफी फायदेमंद माना जाता है। ऐसे में यह सांस से संबंधित दिक्कतों में लाभदायक हो सकती है। रीढ़ को मजबूत करने और दमा के लक्षणों से राहत दिलाने में भी इसे फायदेमंद अभ्यास माना जाता है।
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सांस के लिए कौन से योगासन करने से लाभ मिलता है? - फोटो : istock
मत्स्यासन का करिए अभ्यास

योग विज्ञान में मत्स्यासन योग के अभ्यास को "सभी रोगों को नष्ट करने वाले" अभ्यास के रूप में जाना जाता है। यह योग फेफड़ों की मांसपेशियों की स्ट्रेचिंग करने और उन्हें मजबूती देने में विशेष लाभकारी हो सकता है। शरीर के संतुलन को बेहतर बनाए रखने और पूरे शरीर में रक्त के बेहतर परिसंचरण को बढ़ावा देने में भी इस आसन के अभ्यास से मदद मिल सकता है। मत्स्यासन योग कई प्रकार की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं में आपके लिए लाभप्रद हो सकता है।



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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