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आज का योग: हार्मोन असंतुलन के कारण हो सकती हैं कई तरह की दिक्कतें, इन योगासनों की मदद से पा सकते हैं लाभ

Fri, 06 May 2022 11:06 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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शरीर को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है योग - फोटो : Pixabay
शरीर के बेहतर विकास से लेकर सही ढंग से काम करते रहने और मानसिक स्वास्थ्य को ठीक रखने में हार्मोन्स की विशेष भूमिका होती है। इनमें होने वाला असंतुलन हमारी सेहत को कई तरह से प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से तनाव और इससे संबंधित विकार जैसे चिंता, अवसाद आदि बढ़ने के लिए हार्मोन असंतुलन को प्रमुख कारण माना जाता है। लंबे समय तक शरीर में बने रहने वाले हार्मोन असंतुलन की समस्या का सेहत पर गंभीर दुष्प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। इन समस्याओं से बचे रहने के लिए जीवनशैली और आहार पर विशेष ध्यान देना आवश्यक हो जाता है। योग आसनों के नियमित अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए काफी मददगार हो सकती है।

योग हमारी सांसों को बेहतर रखने के साथ और ध्याय को केंद्रित करके दिमाग को स्वस्थ रखने में विशेष भूमिका निभाते हैं। कुछ शोध इस तरफ भी संकेत देते हैं कि नियमित रूप से योगाभ्यास की आदत बनाकर हार्मोन असंतुलन के कारण होने वाली समस्याओं को भी कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं कि इसके लिए किन योगासनों के अभ्यास की आदत बनानी चाहिए?
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शलभासन के फायदे - फोटो : istock
शलभासन योग है फायदेमंद

शलभासन योग के नियमित अभ्यास की आदत हार्मोन असंतुलन की समस्या को सुधारने में काफी मददगार हो सकती है। महिलाओं में हार्मोनल असंतुलन के कारण पीसीओएस की समस्याओं का जोखिम काफी अधिक होता है।

शोध बताते हैं कि इस योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए विशेष लाभप्रद हो सकती है। हार्मोनल असंतुलन को ठीक करने के साथ यह आसन पीठ के निचले हिस्से की मांसपेशियों को मजबूत करके, पेट की मांसपेशियों को टोन करने और गर्भाशय तथा अंडाशय की समस्याओं में काफी फायदेमंद हो सकता है।
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भुजंगासन योग से हूर होती हैं हार्मोन की समस्याएं - फोटो : Istock
भुजंगासन योग

हार्मोनल असंतुलन की समस्या में नियमित रूप से भुजंगासन योग या कोबरा पोज का अभ्यास करना भी विशेष लाभप्रद माना जाता है। यह योगासन थायराइड फंक्शन में सुधार करने में भी मदद करता है। पीठ और कमर दर्द की समस्याओं के साथ फ्रोजन शोल्डर और छाती की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए भी भुजंगासन योग के नियमित अभ्यास की आदत आपके लिए सहायक हो सकती है। 
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उष्ट्रासन योग के लाभ - फोटो : Istock
उष्ट्रासन या कैमल पोज

कैमल पोज का नियमित अभ्यास महिलाओं की सेहत में सुधार करने में काफी कारगर अभ्यास माना जाता है। यह हार्मोनल असंतुलन को ठीक करके अनियमित मासिक धर्म चक्र को नियंत्रित करने में आपकी मदद करने वाला योगाभ्यास है। जिन लोगों को कमर और पैरों की मांसपेशियों की समस्या होती है, उनके लिए भी रोजाना इस योग का अभ्यास करना विशेष लाभप्रद हो सकता है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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