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Yoga Tips: भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने और पाचन को ठीक रखने के लिए कीजिए इन योगासनों का अभ्यास

Wed, 26 Oct 2022 05:17 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने वाले योगासन - फोटो : istock
योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत आपके संपूर्ण स्वास्थ्य लाभ में सहायक हो सकती है। योग विशेषज्ञ कहते हैं नियमित रूप से योग की आदत बनाकर पाचन स्वास्थ्य को ठीक रखने में मदद मिल सकती है। यह भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में भी लाभकारी है। पाचन स्वास्थ्य ठीक रहने से शरीर को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, सभी को नियमित रूप से दिनचर्या में योगासनों को शामिल करने की आदत बनानी चाहिए।

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, लाइफस्टाइल और आहार में होने वाली गड़बड़ी के कारण पाचन तंत्र पर नकारात्मक असर हो सकता है। यह पाचन अंगों के कार्यों को भी प्रभावित कर सकती है, जिससे भोजन से सही तरीके से पोषक तत्वों का अवशोषण नहीं हो पाता है। ये स्थिति न सिर्फ आपमें विटामिन्स और खनिजों की कमी का कारण बन सकती है, साथ ही इससे समय के साथ कई तरह की बीमारियों के विकसित होने का भी जोखिम रहता है।

आइए जानते हैं, दिनचर्या में किन योगासनों को शामिल करके पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है? सभी उम्र के लोगों को इन आसनों का अभ्यास जरूर करना चाहिए।
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मार्जरी आसन से पाचन को लाभ - फोटो : istock
मार्जरी आसन का करें अभ्यास

मार्जरी आसन को कैट काऊ पोज के रूप में भी जाना जाता है जिससे पेट से लेकर पीठ तक कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। इस पोज में बारी-बारी से आंतों को संकुचित करने का अभ्यास किया जाता है जिससे एपिथेलियल कोशिकाओं में ताजा रक्त प्रवाह बढ़ता है। यह आंत के कार्यों को ठीक रखने और पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में सहायक है। मार्जरी आसन के अभ्यास से चूंकि आंतों की समस्याएं दूर होती है, ऐसे में इससे भोजन से पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
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पाचन को ठीक रखने वाले योगासन - फोटो : istock
नौकासन से पाचन स्वास्थ्य में मिलता है लाभ

पाचन स्वास्थ्य को बेहतर रखने के लिए नौकासन योग को भी काफी लाभकारी माना जाता है। इस योग के अभ्यास की आदत बनाने से आंतों और लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है। यह योग पाचक रसों के स्राव में सुधार करके पाचन को उत्तेजित करने में मदद करता है। नौकासन योग के अभ्यास से पीठ और पेट की मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। नौकासन योग डायबिटीज जैसी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है।
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बेहतर पाचन के लिए योग का अभ्यास - फोटो : Istock
उष्ट्रासन योग का करिए अभ्यास

उष्ट्रासन योग के अभ्यास से पाचन से संबंधित विकारों जैसे कब्ज और गैस की समस्याओं को दूर किया जा सकता है। यह आसन पाचन अंगों की स्ट्रेचिंग और आंतों के लिए विशेष लाभकारी है। छाती को खोलने के साथ आंत और फेफड़ों की क्षमता में सुधार करने के लिए नियमित रूप से इस योग का अभ्यास किया जा सकता है। रीढ़ की स्ट्रेचिंग के साथ सर्वाइल की समस्याओं से परेशान लोगों को भी उष्ट्रासन योग के नियमित अभ्यास से फायदा मिल सकता है।



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नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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