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Yoga For Cancer: कैंसर से जंग जीतने के लिए करें ये तीन योगासन, रोजाना अभ्यास से मिलेंगे कई तरह के लाभ

Sat, 03 Feb 2024 10:55 AM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यहां कैंसर के खतरे को कम करने के लिए कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है। इन योगासनों के नियमित अभ्यास से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
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कैंसर के जोखिम को कैसे कम करें? - फोटो : istock
World Cancer Day 2024 : बजट पेश करते हुए पिछले दिनों वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सर्वाइकल कैंसर का जिक्र करते हुए 9 साल से 40 वर्ष की महिलाओं के टीकाकरण की बात कही। वहीं अगले ही दिन अभिनेत्री पूनम पांडे के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट की गई, जिसमें सर्वाइकल कैंसर से उनके निधन की सूचना दी गई। इसके पहले एक्टर आयुष्मान खुराना की पत्नी ताहिरा और सोनाली बेंद्रे ने कैंसर से जंग जीती थी।

कैंसर, वैश्विक स्तर पर तेजी से बढ़ती गंभीर और जानलेवा स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। दुनियाभर में कैंसर के बढ़ते खतरे को लेकर लोगों को जागरूक और शिक्षित करने के उद्देश्य से हर साल चार फरवरी को विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है।

कैंसर के जोखिम से बचने और कैंसर पीड़ितों को इस बीमारी से लड़ने के लिए कुछ योगासनों का अभ्यास करना चाहिए। यहां कैंसर के खतरे को कम करने के लिए कुछ योगासनों के बारे में बताया जा रहा है। इन योगासनों के नियमित अभ्यास से कई तरह के स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।
 
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vakrasana
वक्रासन 

इस आसन के अभ्यास के लिए सबसे पहले आराम से बैठ जाएं। अब दोनों पैरों को सामने की ओर फैलाते हुए उनके बीच कोई गैप न रखें। दाएं पैर को मोड़ते हुए बाएं पैर के घुटने के बगल में लाएं और दाएं हाथ को पीठ के पीछे ले जाते हुए जमीन पर टिकाएं। अब बाएं हाथ से दाहिने पैर के बाई ओर हाथ डालते हुए दाहिने पैर से घुटने को छुएं। श्वास की गति सामान्य रखें। रोजाना आधा से एक मिनट इस योग का अभ्यास करें।
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गोमुखासन योग - फोटो : Amar Ujala
गोमुखासन

इस योग के अभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिलते हैं। वज्रासन की मुद्रा में बैठकर दाहिने पैर को घुटने से मोड़ें और बाएं पैर के कुल्हें के नीचे रखें। बाएं पैर को दोनों हाथों से उठाकर घुटने से मोड़ते हुए दाहिने पैर के ठीक घुटने के ऊपर रखें। बाएं हाथ को ऊपर से लेकर पीठ की ओर ले जाएं। अब दूसरा हाथ नीचे से होते हुए पीठ के पास रखें। बाद में दोनों हाथों की अंगुलियों को एक दूसरे से पकड़ लें। इस आसन को पांच मिनट तक करें।

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उष्ट्रासन - फोटो : Istock
उष्ट्रासन

इस आसन को करने के लिए घुटनों के बल बैठकर आराम से हाथ हिप्स पर रख लें। पैरों के तलवे छत की तरफ रखें। सांस अंदर लेते हुए रीढ़ की निचली हड्डी को आगे की तरफ आने का दबाव बनाएं। फिर कमर को पीछे की तरफ मोड़ते हुए धीरे से हथेलियों की पकड़ पैरों पर मजबूत करें। कुछ देर बाद पुरानी अवस्था में आ जाएं और आराम करें।
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yoga new - फोटो : istock

नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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