आप 10 सेकंड में क्या काम कर सकते हैं। भोजन करना... नहीं, उठकर चलना...नहीं, शायद इन दोनों के बारे में सोचने में भी आपको 10 सेकंड से अधिक का समय लगा होगा, लेकिन एक व्यक्ति ऐसा है जो इस 10 सेकंड से कभी कम में इतिहास रच देता है, एक नया अध्याय लिख देता है। जानते हैं उस बुलेट का नाम, वो हैं जमैका के उसैन बोल्ट। फर्राटा रेस का बादशाह भी कहा जाता है इन्हें, जितनी देर हम सोचने में लगा देते हैं, उतनी देर में तो इन्होंने बर्लिन में विश्व रिकॉर्ड बना दिया था। ओलंपिक के इतिहास में तहलका मचा दिया था। भले ही फर्राटा रेस में इतना ही समय लगता हो, बोल्ट और हमारे के लिए आम हो, लेकिन इसमें एक खास बात ये है कि बोल्ट इन्हीं 10 सैकंड में ट्रैक पर दौड़ते समय अपने कंप्टीटर से बात भी कर लेते हैं।
बोल्ट ने 100 मी. और 200 मी. की रेस को क्रमशः 9.58 सेकैंड और 19.19 सेकैंड में पूरा करते विश्व रिकॉर्ड बनाया, जिसे आज तक कोई छू भी नहीं पाया। ये रफ्तार अब थम चुकी है। बोल्ट ने ट्रैक को अलविदा कह दिया है, लेकिन लोगों में हमेशा ही उनकी स्पीड का रहस्य जानने की जिज्ञासा रहती है।
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जुलाई 2013 में आई द यूरोपियन जर्नल ऑफ फिजिक्स की रिपोर्ट के मुताबिक बर्लिन में बोल्ट ने 100 मी. का लक्ष्य 12.2 मी. प्रति सेकेंड के हिसाब के दौड़कर हासिल किया। इस हिसाब के बोल्ट ने जब 100मी. में विश्व रिकॉर्ड बनाया जब वे 27 मील प्रति घंटे के हिसाब से दौड़ रहे थे। बोल्ट की रफ्तार पर रिसर्च करने वाली टीम ने ये भी बताया कि किस समय उनके सबसे ज्यादा शक्ति आती है।
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रिसर्च टीम के मुताबिक जब बोल्ट रेस में अपनी आधी रफ्तार पर एक मीटर की दूरी को सेकेंड से भी कम समय में तय कर रहे हो तो उस समय उनके शरीर में सबसे ज्यादा शक्ति आ जाती है।
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वैज्ञानिकों के अनुसार जब बोल्ट ने विश्व रिकॉर्ड बनाया तो उस दौड़ के दौरान मांसपेशियों से जो ऊर्जा पैदा हो रही थी, बोल्ट उस ऊर्जा को केवल 8 फीसदी ही इस्तेमाल कर पाए। बाकी की ऊर्जा हवा द्वारा उत्पन्न प्रतिरोध में खत्म हो रही थी, क्योंकि हवा का प्रतिरोध गतिशील वस्तुओं की रफ्तार को धीमा कर देता है।
बोल्ट का कद 6 फीट 5 इंच है, ये भी वजह है उनकी रफ्तार का। शोध के मुताबिक रेस की शुरुआत के समय बोल्ट थोड़ा धीमा रहते हैं, लेकिन अपने लंबे डग की वजह से वे आसानी से और कम समय में भी फिनिशिंग लाइन पर पहुंच जाते हैं।