देश में सर्दियों के मौसम की शुरुआत हो चुकी है। सेहत के लिहाजे से इस मौसम में सभी लोगों को विशेष सावधानी बरतते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दियों में लकवा मारने के मामले अधिक देखे जाते रहे हैं। लकवा की स्थिति मांसपेशियों की कार्यक्षमता में होने वाली समस्या है, जिसके कारण प्रभावित हिस्से की संवेदना कम हो जाती है। लकवा की समस्या आमतौर पर उम्र बढ़ने के साथ अधिक देखी जाती रही है, हालांकि यह किसी भी आयु के लोगों को हो सकती है, इसलिए इससे विशेष बचाव करते रहने की आवश्यकता होती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं लकवे की समस्या आंशिक या पूर्ण दोनो प्रकार की हो सकती है। लकवा होने के बाद शारीरिक कार्यों को फिर से सुचारू करने के लिए दवाइयों के साथ फिजियोथेरेपी अभ्यास की सिफारिश की जाती है। विशेषज्ञों ने पाया कि अगर रोगी को योग कराया जाए तो भी लकवा से तेजी से रिकवरी मिल सकती है।
इसके अलावा नियमित योग के अभ्यास की आदत मांसपेशियों और तंत्रिकाओं को स्वस्थ रखती है जिससे लकवा जैसी स्थितियों का जोखिम कम होता है। आइए जानते हैं कि लकवा क्यों होता है और इससे बचाव के लिए किन योगासनों का अभ्यास किया जाना चाहिए?