फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yoga Tips: मेटाबॉलिज्म ठीक तो वजन बढ़ने की चिंता नहीं, ये योगाभ्यास हो सकते हैं मददगार

Fri, 11 Nov 2022 02:04 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
मेटाबॉलिज्म बढ़ाने वाले योगासन - फोटो : Pixabay
शरीर को स्वस्थ और फिट रखने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने वाले उपाय करते रहने की सलाह देते हैं। मेटाबॉलिज्म, शरीर की कोशिकाओं में होने वाली रासायनिक प्रतिक्रिया है जो भोजन को ऊर्जा में बदलती हैं। मेटाबॉलिज्म ठीक रहने से भोजन से अधिकतम पोषक तत्व प्राप्त किए जा सकते हैं। वही इसमें होने वाली समस्या वजन बढ़ने, डायबिटीज और कई अन्य प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं का भी कारण बन सकती है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को आहार और शारीरिक सक्रियता पर विशेष ध्यान रखना चाहिए, जिससे मेटाबॉलिज्म की समस्या को कम किया जा सके। इससे संबंधित विकारों के जोखिम से बचाव के लिए दिनचर्या में योगासनों को शामिल करना बेहतर विकल्प हो सकता है। योग, अंतःस्रावी अंगों को भी उत्तेजित और मजबूत करने के साथ मेटाबॉलिक रेट को बढ़ाने और समग्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए योगासनों को दिनचर्या का हिस्सा बनाना काफी लाभकारी हो सकता है। आइए जानते हैं कि नियमित रूप किन योगासनों के अभ्यास की आदत मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने में आपके लिए मददगार हो सकती है?
विज्ञापन

2 of 4
हलासन योग से होने वाले स्वास्थ्य लाभ - फोटो : Pixabay
मेटाबॉलिज्म के लिए हलासन का अभ्यास

हलासन योग के लिए पैरों को सिर के ऊपर से होते हुए पीछे की ओर ले जाने की आवश्यकता होती है, यह थायरॉयड, एड्रिनल और पिट्यूटरी ग्रंथियों में रक्त परिसंचरण को बढ़ाती है, जिससे फील-गुड, एंडोर्फिन और अन्य आवश्यक हार्मोन रिलीज होते हैं, ये मेटाबॉलिज्म को ठीक रखने और इसे बढ़ावा देने के लिए आवश्यक हैं। हलासन योग, शरीर को स्ट्रेच करने और पाचन अंगों के लिए भी बहुत लाभकारी माना जाता है।
विज्ञापन

3 of 4
शलभासन के फायदे - फोटो : istock
शलभासन योग के लाभ

शलभासन योग को कई प्रकार से शरीर के लिए लाभकारी अभ्यासों में से एक माना जाता है, विशेषतौर पर मेटाबॉलिज्म से संबंधित विकारों के जोखिम को कम करने में इस योग के लाभ देखे गए हैं। यह डायबिटीज को कंट्रोल करने और वजन को बढ़ने से रोकने के लिए भी बेहतरीन अभ्यास है।

रीढ़ को लचीला बनाने के साथ गर्दन, कंधे, हाथ और पीठ को मजबूती देने में इस योग के लाभ देखे गए हैं। पेट के अंगों को उत्तेजित करके पाचन में सुधार करने में भी शलभासन के फायदे हो सकते हैं।
विज्ञापन

4 of 4
धनुरासन योग के स्वास्थ्य लाभ - फोटो : istock
धनुरासन योग का करें रोजाना अभ्यास

धनुरासन योग पाचन क्रिया को ठीक करने के साथ रक्त परिसंचरण को बढ़ावा देने में फायदेमंद माना जाता है। किडनी, लिवर, अग्न्याशय और आंतों के लिए भी इससे फायदे हो सकते हैं। पीठ और पेट की मांसपेशियों को मजबूती देने और मेटाबॉलिज्म की दर को बढ़ाकर डायबिटीज जैसी समस्याओं और इसकी जटिलताओं को कम करने में इस अभ्यास से लाभ पाया जा सकता है। यह तनाव और थकान को कम करने में भी लाभकारी है।



------------------
नोट: यह लेख योग विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें