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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह: अर्थराइटिस के दर्द को दूर कर देंगे ये 5 योगासन, नियमित करें अभ्यास

Sat, 29 Feb 2020 01:24 PM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : Pixabay
तेज रफ्तार से चल रही जिंदगी के कारण आज के समय में इंसान अपने खान-पान समेत शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान नहीं दे पा रहा है। नतीजन उसे कई स्वास्थ्य चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं परेशानियों में से एक है अर्थराइटिस। अर्थराइटिस या गठिया हड्डियों के जोड़ों की बीमारी है। ज्यादा देर तक बैठे रहने या कोई शारीरिक श्रम न करने के कारण जोड़ों में जकड़न होने लगती है, जो अर्थराइटिस का रूप ले लेती है। अर्थराइटिस में होने वाला दर्द असहनीय होता है। हालांकि योगा के कुछ आसनों के नियमित अभ्यास से आप गठिया के दर्द से राहत पा सकते हैं। आइए जानते हैं इन योगासनों के बारे में...
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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : Pixabay
शवआसन
शव अर्थात मुर्दा, शरीर को मुर्दे समान बना लेने के कारण ही इस आसन को शवआसन कहते हैं। इस आसन को करने के लिए पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को आराम से फैला लें। अपने पैरों के पंजों को बाहर और एड़ियों को अंदर की ओर रखें। अपने दोनों हाथों को शरीर से करीब 6 इंच की दूरी पर रखें। अपनी हाथों की अंगुलियां मुड़ी हुई, गर्दन सीधी रखें। इस आसन को करते समय अपनी आंखो को बंद रखें।
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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : Pixabay
मत्स्यासन
मत्स्यासन के अभ्यास से अर्थराइटिस के रोगियों को बहुत लाभ मिलता है। इस आसन से पेट की सभी मांसपेशियों का व्यायाम हो जाता है। मत्सयासन के अभ्यास से पेट में गैस और कब्ज की समस्या भी नहीं होती है। इसे करने के लिए दण्डासन में बैठकर दाएं पैर को बाएं पैर पर रखकर अपनी रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। अब अपने हाथों का सहारा लेते हुए पीछे की ओर अपनी कोहनियां टिकाकर लेट जाएं। पीठ और छाती ऊपर की ओर उठी तथा घुटने भूमि पर टिकाकर रखें। अब अपने हाथों से पैर के अंगूठे पकड़ें। ध्यान रखें आपकी कोहनी जमीन से लगी होनी चाहिए।

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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : Pixabay
प्राणायाम
प्राणायाम करने के लिए किसी समतल जगह पर चटाई बिछाकर पालथी मारकर बैठ जाएं। अब बाएं नाक को दबाकर दाहिने नाक से सांस को अंदर करके दोनों नाकों से सांस को बाहर निकालें। गठिया के मरीजों को प्राणायम करने से बहुत ही राहत मिलती है। सुबह-सुबह साधारण प्राणायम करने से इस रोग से होने वाले दर्द में आपको राहत मिलेगी।
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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : Pixabay
गोमुखासन
गोमुखासन को करने के लिए सबसे पहले जमीन पर बैठ जाएं। इसके बाद अपने बाएं पैर की एड़ी को उठाकर दाएं पैर के कूल्हे के पास रख दें। इसके बाद अपने दाएं पैर को बाएं पैर के ऊपर रख दें। अब अपने दाएं हाथ को पीठ के पीछ लें जाएं और अपने बाएं हाथ को कोहनी से मोड़ते हुए दाएं हाथ से मिला लें। आप इस अवस्था में करीब 2-3 मिनट तक रह सकते हैं।
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अंतर्राष्ट्रीय योग सप्ताह 2020 - फोटो : yogainstantly.in
सेतुबंधासन
सेतुबंधासन के अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं और अपने हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब हथेली को जमीन से सटाकर रखें और घुटने मोड़ें ताकि पैर के तलवे जमीन से लग जाएं। अब आप सेतुबंधासन की प्रारंभिक स्थिति में हैं। अब धीरे-धीरे सांस लेते हुए अपने कमर को जितना हो सके ऊपर उठाएं, जिससे आपका शरीर एक सेतु यानी पुल का आकार में आ जाए। अब इस स्थिति में सामान्य रूप से सांस लें और छोड़ें। 10 से 30 सेकेंड तक इसी मुद्रा में बने रहें। अब सांस छोड़ते हुए अपने कमर को वापस जमीन पर लाएं और आराम के लिए पुन: शवासन के मुद्रा में आ जाएं।
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