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Yoga Tips: आपको अल्जाइमर रोग के जोखिम से बचा सकते हैं ये योगाभ्यास, अभी से बना लें इनकी आदत

Thu, 09 Jun 2022 11:34 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अल्जाइमर रोग की समस्या - फोटो : istock
अल्जाइमर, उम्र के साथ होने वाली एक प्रगतिशील तंत्रिका संबंधी विकार है जिसके कारण मस्तिष्क सिकुड़ जाता है। अल्जाइमर रोग को डेमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है जिसमें व्यक्ति के सोच, व्यवहार और सामाजिक कौशल में निरंतर गिरावट आती रहती है। इस स्थिति में व्यक्ति के लिए जीवनशैली के सामान्य कामकाज तक करना कठिन हो जाता है, उसे हर छोटी-बड़ी बातें भूलने लगती हैं। अल्जाइमर रोग में व्यक्ति को अपने परिचित कार्यों को करने में कठिनाई, भाषा को समझने में समस्या, मनोदशा या व्यवहार में परिवर्तन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।

अल्जाइमर रोग किसी को भी हो सकता है, ऐसे में इसके जोखिम कारकों को समझना और उनसे बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अल्जाइमर रोग से बचाव के लिए दैनिक जीवन में योगासनों को शामिल करना आवश्यक माना जाता है।

योगासन मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ अल्जाइमर रोग के कारकों को कम करने और आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना किन योगासनों के अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए मददगार हो सकती है?
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वज्रासन योग के लाभ - फोटो : istock
वज्रासन योग की बनाएं आदत

वज्रासन योग के अभ्यास की आदत न केवल मन को शांत और स्थिर रखने में मदद करती है, बल्कि यह पाचन अम्लता और गैस निर्माण को भी कम करने में आपके लिए फायदेमंद है। इस योग के नियमित अभ्यास की आदत आपको अल्जाइमर रोग-डेमेंशिया के खतरे से काफी हद तक सुरक्षा दे सकती है। मानसिक स्वास्थ्य के अलावा यह योग घुटने के दर्द को दूर करने, जांघ की मांसपेशियों को मजबूत करने और पीठ दर्द की समस्या में भी आपके लिए फायदेमंद है।
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पश्चिमोत्तानासन योग के लाभ - फोटो : Pixabay
पश्चिमोत्तानासन योग

पश्चिमोत्तानासन योग का अभ्यास मानसिक और शारीरिक दोनों तरह की सेहत को बेहतर बनाए रखने में आपके लिए सहायक है। अल्जाइमर रोग के कारकों को कम करने के साथ उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए भी इसका अभ्यास लाभकारी माना जाता है। यह शरीर और मन को शांत करने है, सिर में रक्त संचार को बढ़ावा देने और अनिद्रा, अवसाद और चिंता को कम करने में भी मदद करता है।
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शीर्षासन योग से होने वाले लाभ - फोटो : iStock
शीर्षासन  योग

शीर्षासन को रक्त संचार को बढ़ाने वाले सबसे कारगर योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। शरीर की समग्र कार्यक्षमता में सुधार करने के साथ अंतःस्रावी ग्रंथियों को उत्तेजित करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में इस योग के अभ्यास की आदत फायदेमंद है। शरीर की ताकत और सहनशक्ति को बढ़ाने और कोर को मजबूत करने के लिए इस योग का अभ्यास विशेष लाभदायक माना जाता है। 



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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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