अल्जाइमर, उम्र के साथ होने वाली एक प्रगतिशील तंत्रिका संबंधी विकार है जिसके कारण मस्तिष्क सिकुड़ जाता है। अल्जाइमर रोग को डेमेंशिया के सबसे आम कारणों में से एक माना जाता है जिसमें व्यक्ति के सोच, व्यवहार और सामाजिक कौशल में निरंतर गिरावट आती रहती है। इस स्थिति में व्यक्ति के लिए जीवनशैली के सामान्य कामकाज तक करना कठिन हो जाता है, उसे हर छोटी-बड़ी बातें भूलने लगती हैं। अल्जाइमर रोग में व्यक्ति को अपने परिचित कार्यों को करने में कठिनाई, भाषा को समझने में समस्या, मनोदशा या व्यवहार में परिवर्तन जैसी दिक्कतें होने लगती हैं।
अल्जाइमर रोग किसी को भी हो सकता है, ऐसे में इसके जोखिम कारकों को समझना और उनसे बचाव के उपाय करते रहना आवश्यक हो जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक अल्जाइमर रोग से बचाव के लिए दैनिक जीवन में योगासनों को शामिल करना आवश्यक माना जाता है।
योगासन मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के साथ अल्जाइमर रोग के कारकों को कम करने और आपको मानसिक रूप से स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि रोजाना किन योगासनों के अभ्यास की आदत इसमें आपके लिए मददगार हो सकती है?