दीपावली उत्सव के बीच सभी लोगों को सेहत का विशेष ख्याल रखने की सलाह दी जाती है। पटाखों से होने वाले प्रदूषण के कारण सांस की समस्याओं का जोखिम काफी बढ़ जाता है। ये कई प्रकार के दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों का भी कारण बन सकते हैं, ऐसे में सभी उम्र के लोगों को इस तरह की समस्याओं से बचाव करते रहने की सलाह दी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, पटाखों के धुएं से बचने के लिए प्रयास किए जाने बहुत आवश्यक हैं। धुएं में कई प्रकार के रसायन और हानिकारक तत्व मौजूद होते हैं, जिससे फेफड़ों की दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिमों का खतरा हो सकता है। फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए सभी लोगों को नियमित तौर पर सांस के अभ्यास करते रहने चाहिए।
योग विशेषज्ञ बताते हैं, सांस के अभ्यास फेफड़ों की सहनशक्ति और कार्यक्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। यह शरीर से विषाक्तता को कम करने के साथ दीर्घकालिक स्वास्थ्य समस्याओं के संकट से भी आपको सुरक्षित रखने में मददगार हैं।
आइए जानते हैं कि सांस के किन अभ्यास की आदत बनाना सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है। ये अभ्यास आपको पटाखों के प्रदूषण से होने वाले जोखिमों से भी बचाने में मददगार हैं।