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Yoga Tips: क्या योगासनों से ब्लड शुगर को कर सकते हैं कंट्रोल? किन अभ्यास को कारगर मानते हैं विशेषज्ञ

Fri, 22 Jul 2022 12:08 PM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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डायबिटीज रोगियों के लिए योगासन - फोटो : Istock
योगासनों को मुख्यरूप से शारीरिक-मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर रखने, शरीर को फिट रखने और मन को शांत करने वाले अभ्यास के तौर पर जाना जाता है, पर क्या आप जानते हैं कि योगासनों के नियमित अभ्यास की आदत कई प्रकार की बीमारियों की गंभीरता को कम करने में भी आपके लिए सहायक हो सकती है? अध्ययनों में इस बात का जिक्र मिलता है कि योगासन हृदय-फेफड़े, डायबिटीज, दर्द की गंभीरता को कम करते हुए आपके स्वास्थ्य में बेहतर सुधार कर सकते हैं। 

योग विशेषज्ञ कहते हैं, जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या है, उन्हें भी योगासनों का अभ्यास करके लाभ मिल सकता है। दवाइयों के साथ योगाभ्यास को दिनचर्या का हिस्सा बनाना ब्लड शुगर के स्तर को कंट्रोल रखने और डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं को कम करने में आपके लिए मददगार हो सकता है। इतना ही नहीं जो लोग नियमित रूप से योगासनों का अभ्यास करते हैं उनमें मधुमेह के विकसित होने का जोखिम भी कम होता है।

डायबिटीज के कारण होने वाली जटिलताओं से बचाव के लिए भी योगासनों का अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। 
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लेग अप द वॉ पोज के लाभ - फोटो : Istock
विपरीतकरणी अभ्यास

विपरीतकरणी योगासन को लेग अप द वॉ पोज के रूप में जाना जाता है, यह शरीर के लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकता है। जिन लोगों को डायबिटीज की समस्या होती है,  विपरीतकरणी अभ्यास ऐसे लोगों के लिए भी कारगर माना जाता है। रक्तचाप और रक्त शर्करा दोनों के स्तर को कंट्रोल करने में इस योग के अभ्यास के लाभ हो सकते हैं। तनाव के स्तर को प्रबंधित करने में भी इसके लाभ माने जाते हैं जो डायबिटीज की जटिलताओं को कम करता है।
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डायबिटीज के लिए मार्जरी आसन - फोटो : istock
मार्जरी आसन का अभ्यास

मार्जरी आसन को कैट काऊ पोज के रूप में जाना जाता है, पेट-पीठ की जटिलताओं को कम करने से लेकर डायबिटीज की समस्या में राहत के लिए इस योग का अभ्यास किया जा सकता है। इस योग का अभ्यास अग्नाशय के कामकाज को ठीक रखने के साथ इंसुलिन हार्मोन के स्राव को मैनेज करने में लाभकारी हो सकता है। मधुमेह की जटिलताओं को कम करने में इस योग के लाभ हो सकते हैं।
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प्राणायाम योगासनों के लाभ - फोटो : Pixabay
अनुलोम-विलोम प्राणायाम

अनुलोम-विलोम आसन तंत्रिका तंत्र को शांत करने वाले प्रभाव के लिए जाना जाता है। इसके शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के लाभ हो सकते हैं। मधुमेह की जटिलताओं को कम करने में इस अभ्यास को फायदेमंद माना जाता है। यह आसन तनाव के स्तर का ठीक से प्रबंधन करता है, जिससे ब्लड शुगर के स्तर को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। यह आसन सभी लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है। 


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नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
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