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Yoga Tips: भ्रामरी प्राणायाम करने से इन समस्याओं में मिलता है लाभ, जानिए कैसे करें अभ्यास

Thu, 13 Apr 2023 10:27 AM IST
शिवानी अवस्थी हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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भ्रामरी प्राणायम के लाभ और अभ्यास का तरीका - फोटो : istock
शरीरिक समस्याओं और कई तरह के रोगों से मुक्ति के लिए रोजाना योगाभ्यास लाभकारी होता है। अलग अलग बीमारियों और शारीरिक समस्याओं के लिए अलग अलग तरह के योगासन हैं, जिनके नियमित अभ्यास से बेहद फायदा मिलता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक, स्वस्थ शरीर के लिए रोजाना भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास की सलाह देते हैं। भ्रामरी प्राणायाम को 'हमिंग बी ब्रीदिंग' तकनीक के तौर पर जाना जाता है। यह प्राणायाम मनुष्य के दिमाग को तुरंत शांत करने के लिए बहुत प्रभावी श्वास व्यायाम होता है। भ्रामरी प्राणायाम को करने के लिए कई स्वास्थ्य संबंधी फायदे हैं, जैसे इससे आपका मन शांत रहता है, चिंता और क्रोध की समस्या कम होती है। जो लोग अक्सर तनाव में रहते हैं, उन्हें भ्रामरी प्राणायाम जरूर करना चाहिए। नींद, ब्लड प्रेशन, तनाव को कम करने के लिए भी यह प्राणायाम बेहद कारगर है। चलिए जानते हैं भ्रामरी प्राणायाम करने के फायदे और भ्रामरी प्राणायाम अभ्यास का तरीका।
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भ्रामरी प्राणायम के लाभ और अभ्यास का तरीका - फोटो : istock
भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास का तरीका
  • इस योगासन के अभ्यास के लिए सबसे पहले किसी शांत और हवादार जगह पर बैठ जाएं और अपनी आंखें बंद कर लें।
  • अब अपनी तर्जनी उंगलियों को दोनों कानों पर रख लें।
  • मुंह को बंद रखते हुए नाक से ही सांस लें और बाहर छोड़ें।
  • ध्य़ान रखें कि सांस छोड़ने के दौरान ऊँ का उच्चारण भी करें। 
  • इस प्रक्रिया को 5-7 बार दोहराएं।
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भ्रामरी प्राणायम के लाभ और अभ्यास का तरीका - फोटो : iStock
भ्रामरी प्राणायाम करने के फायदे
  • भ्रामरी प्राणायाम तनाव कम करने का सबसे अच्छा तरीका है। भ्रामरी प्राणायाम के अभ्यास मस्तिष्क को शांत बनाए रखता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों को भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए।  इस प्राणायाम को नियमित करने से शरीर का रक्तचाप कम होता है और हाई ब्लड प्रेशर से राहत मिलती है।
  • प्राणायाम करने से रात में बेहतर नींद आती है और तनाव कम होने लगता है। इसलिए रात्रिकालीन योग में इसे शामिल करना चाहिए।

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भ्रामरी प्राणायम के लाभ और अभ्यास का तरीका - फोटो : Pixabay
  • पीनियल और पिट्यूटरी ग्रंथियों को उत्तेजित करके उन्हें लाभ पहुंचाने के लिए भ्रामरी प्राणायाम कर सकते हैं। 
  • जिन लोगों को अधिक क्रोध आता है, उन्हें भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए। इससे क्रोध शांत करने में मदद मिलती है।
  • भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास हार्ट ब्लॉकेज को रोकता है।
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भ्रामरी प्राणायम के लाभ और अभ्यास का तरीका - फोटो : istock
भ्रामरी प्राणायाम करते समय रखें खास ख्याल
  • वैसे तो भ्रामरी प्राणायाम के कोई दुष्प्रभाव नहीं हैं लेकिन गलत ढंग से अभ्यास करने कोई लाभ भी नहीं होता। योग को सही तरीके से करना आवश्यक होता है।
  • गर्भवती महिलाओं के अलावा जिन लोगों को कान में संक्रमण या कान में जलन, सीने में दर्द, हाई ब्लड प्रेशर या मिर्गी की समस्या होती है, उन्हें भ्रामरी प्राणायाम नहीं करना चाहिए।
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नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी योगगुरु से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।   
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