फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज का योग: आर्थराइटिस रोगियों को रोजाना करने चाहिए यह योगासन, दूर होगी जटिलता

Mon, 01 Nov 2021 12:06 PM IST
Abhilash Srivastava हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 5
गठिया की समस्या - फोटो : Pixabay
जीवनशैली की गड़बड़ी के कारण पिछले दो दशकों में जो समस्याएं सबसे तेजी से बढ़ी हैं, आर्थराइटिस (गठिया) उन्हीं में से एक है। जोड़ों में सूजन और दर्द की यह समस्या जीवन के गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती है। आंकड़ों के मुताबिक दुनियाभर में करोड़ों लोग इस गंभीर स्वास्थ्य समस्या के शिकार हैं। भारत के नजरिए से बात करें तो पिछले कुछ वर्षों में आर्थराइटिस के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिली है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो लोगों में बढ़ रही शारीरिक निष्क्रियता और आहार में गड़बड़ी के कारण गठिया का जोखिम और अधिक बढ़ गया है।

डॉक्टरों की मानें तो कुछ सामान्य सी बातों को ध्यान में रखकर गठिया के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आर्थराइटिस से बचे रहने का सबसे आसान तरीका है योग। आइए आगे की स्लाइडों में ऐसे ही कुछ योगासनों के बारे में जानते हैं जो आपको इस खतरनाक समस्या से सुरक्षित रखने में मदद कर सकते हैं। 
विज्ञापन

2 of 5
वीरभद्रासन योग करने के फायदे - फोटो : iStock
वीरभद्रासन योग के लाभ
योग विशेषज्ञों के मुताबिक आर्थराइटिस के खतरे को कम करने के लिए सभी लोगों को कम उम्र से ही योग की आदत डाल लेनी चाहिए। इसमें वीरभद्रासन योग का अभ्यास आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। कूल्हे, घुटने और फ्रंट लेग की हड्डियों को स्वस्थ बनाए रखने में यह योग फायदेमंद हो सकता है।
इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले अपने पैरों को कूल्हे की चौड़ाई से अलग करके खड़े हो जाएं। अब अपने बायीं ओर एक बड़ा कदम उठाएं। अब अपने घुटनों को 90 डिग्री के कोण पर मोड़ें। अब अपने दाहिने पैर को लगभग 15 डिग्री अंदर की ओर मोड़ें। दाहिने पैर की एड़ी बाएं पैर के केंद्र में होनी चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को साइड में उठाएं और कंधों के स्तर पर लाएं। आपकी हथेलियां ऊपर की ओर होनी चाहिए। इस पोजीशन में गहरी सांसें लें। अपने सिर को बाईं ओर मोड़ें। कुछ सेकंड के लिए ऐसे ही रुकें और फिर प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाएं।
विज्ञापन

3 of 5
ब्रिज पोज योगासन के लाभ - फोटो : Pixabay
ब्रिज पोज योग
ब्रिज पोज योग को कूल्हों, कमर औऱ घुटनों के लिए काफी फायदेमंद योगाभ्यासों में से एक माना जाता है। कमर दर्द को कम करने में भी इस योगाभ्यास को काफी कारगर माना जाता है। इस योगासन को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं। अपने पैरों को कंधे की चौड़ाई से थोड़ा अलग करते हुए घुटनों को मोड़ लें। हथेलियों को खोलते हुए हाथ को बिल्कुल सीधा जमीन पर सटा कर रखें। अब सांस लेते हुए कमर के हिस्से को ऊपर की ओर उठाएं, कंधे और सिर को सपाट जमीन पर ही रखें। सांस छोड़ते हुए दोबारा से पूर्ववत स्थिति में आ जाएं। 

4 of 5
ट्री पोज योग के लाभ - फोटो : Pixabay
वृक्षासन योग के फायदे
हड्डियों को मजबूती देने के साथ गठिया के खतरे को कम करने में वृक्षासन योग के अभ्यास को काफी फायदेमंद माना जाता है। पैरों और कूल्हे की हड्डियों को मजबूती देने के साथ इनको जोड़ों को स्वस्थ बनाए रखने में इस योग को काफी कारगर माना जाता है। योग विशेषज्ञों के मुताबिक कम उम्र से ही इस योगासन का अभ्यास भविष्य में गठिया के जोखिम को कम कर सकता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भुजंगासन योग के फायदे - फोटो : Istock
कोबरा पोज योग
रीढ़ और कमर की हड्डी को मजबूती देने और उन्हें लचीला बनाए रखने के लिए कोबरा पोज योग का अभ्यास फायदेमंद हो सकता है। कोबरा पोज शरीर को पूर्ण आराम देने के साथ, ऊतकों और कोशिकाओं को ठीक रखने, मस्तिष्क को तनाव मुक्त रखने और शरीर में संतुलन बनाए रखने में कोबरा पोज योग को बहुत फायदेमंद माना जाता है।


--------------------------
नोट: यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें