फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आज का योग: रोजाना अनुलोम-विलोम प्राणायाम करने वालों में इन समस्याओं का जोखिम होता है कम, विशेषज्ञ बताते है इसके लाभ

Fri, 15 Apr 2022 11:15 AM IST
अभिलाष श्रीवास्तव हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 3
अनुलोम विलोम प्राणायाम - फोटो : Istock
शरीर के बेहतर स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए प्राणायाम का नियमित अभ्यास करना सबसे आसान और बेहतर विकल्प माना जाता है। प्राणायाम मन और शरीर, दोनों को स्वस्थ रखने के साथ आपको कई तरह की गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम से सुरक्षित रखने में सहायक हो सकते हैं। रोजाना दिन में प्राणायाम का थोड़े समय के लिए अभ्यास भी आपकी सेहत को गजब का बूस्ट दे सकता है, इसमें भी अनुलोम-विलोम के अभ्यास को बेहद फायदेमंद माना जाता है।

अनुलोम-विलोम प्राणायाम दोनों नासिक से क्रमवार सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया है, जिसे शोध में कई तरह की गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगर पाया गया है। मानसिक स्वास्थ्य की समस्याएं जैसे तनाव, अवसाद और चिंता विकार के लक्षणों को कम करने के साथ हृदय, फेफड़े और शरीर के अन्य अंगों को स्वस्थ रखने में भी रोजाना इस प्राणायाम के अभ्यास के लाभ देखे गए हैं। आइए जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम का अभ्यास किस तरह से आपकी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है?
विज्ञापन

2 of 3
अनुलोम-विलोम प्राणायाम के लाभ - फोटो : iStock
अनुलोम-विलोम प्राणायाम कैसे किया जाता है?

प्राणायाम के अभ्यास काफी आसान और प्रभावी माने जाते हैं, पर अगर आप अभी इसकी शुरुआत करने जा रहे हैं तो सही विधि के बारे में किसी विशेषज्ञ से सहायता जरूर ले लें। सांस लेने का यह अभ्यास कुछ ही समय में आपके शरीर में सकारात्मक परिवर्तन लाने में सहायक हो सकता है।

अनुलोम-विलोम का अभ्यास करने के लिए सबसे पहले ध्यानपूर्वक अवस्था में बैठ जाएं। बाएं हाथ से ज्ञान मुद्रा बनाकर दाएं हाथ के अंगूठे से दाईं नासिका को बंद करें और बाईं नासिका से लंबी सांस भरें। अब बाई नासिका बंद करें और दाईं नासिका से श्वास छोड़ें। इस क्रिया को अब दूसरी नाक से दोहराएं। रोजाना 5-10 मिनट तक इस अभ्यास को करने का प्रयास करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

3 of 3
अनुलोम विलोम का रोजाना करें अभ्यास - फोटो : Istock
अनुलोम-विलोम प्राणायाम के क्या लाभ हैं?

शारीरिक-मानसिक दोनों तरह की सेहत के लिए अनुलोम-विलोम प्राणायाम का दैनिक अभ्यास करना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। यह मनोविकारों के जोखिम से बचाने के साथ कई तरह की गंभीर बीमारियों के खतरे को भी कम करने में सहायक अभ्यास है।
  • तंत्रिका संबंधी विकारों को रोकने के साथ सिरदर्द/माइग्रेन से राहत दिला सकता है।
  • बहुत अधिक गुस्सा के शिकार लोगों के लिए फायदेमंद।
  • नींद की गुणवत्ता में सुधार करता है।
  • अवसाद, तनाव और चिंता को दूर करने में मदद करता है।
  • अस्थमा, ब्रोंकाइटिस जैसे श्वसन विकारों के इलाज में इसका नियमित अभ्यास बहुत उपयोगी माना जाता है।

-------------------------
नोट:
यह लेख योगगुरु के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है। आसन की सही स्थिति के बारे में जानने के लिए किसी विशेषज्ञ से संपर्क कर सकते हैं।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें