फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिमाग को तेज करते हैं ये 3 योगासन, लॉकडाउन के समय का करें उपयोग और इसे दिनचर्या में करें शामिल

Thu, 02 Apr 2020 10:24 AM IST
नवनीत राठौर लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
1 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
तन और मन के स्वास्थ्य के लिए योग फायदेमंद है। अगर आप चाहते हैं कि आपका दिमाग स्वस्थ्य रहे और ब्रेन ट्यूमर न हो तो आपको कुछ योग करने चाहिए। जिस तरह शरीर के स्वास्थ्य के लिए खाना बेहद जरूरी है, उसी तरह से दिमाग के स्वास्थ्य के लिए योग जरूरी है। आप योग, आसन और प्राणायाम के जरिए अपने दिमाग की क्षमता और एकाग्रता को बढ़ा सकते हैं और इन योग के जरिए ब्रेन ट्यूमर के खतरे को भी कम कर सकते हैं। लॉकडाउन जैसे समय में आपके पास योग के लिए पर्याप्त समय है तो ऐसे में आज से ही इसे अपनी रूटीन में शामिल कर सकते हैं। आइए जानते हैं दिमाग के स्वास्थ्य के लिए कौन-से योग जरूरी हैं...
विज्ञापन

2 of 4
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
ताड़ासन
ताड़ासन हमारे शरीर की मांसपेशियों को लचीला बनाता है। इस आसन के दौरान गहरी सांस लेने के कारण फेफड़ा फैलता है और इसकी सफाई हो जाती है। ताड़ासन करने से एक्रगता बनी रहती है। यही नहीं, इस आसन को करने से श्वास सतुंलित रहती है। आसान को करने के लिए सबसे पहले आप खड़े हो जाएं। ध्यान रहे कि इस आसान को करते समय कमर और गर्दन झुकनी नहीं चाहिए। अब अपने दोनों हाथों को ऊपर करें और धीरे-धीरे सांस लेते हुए शरीर को खीचें। इस आसान को आप 2-4 मिनट तक करें और फिर सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे सामान्य अवस्था में आ जाएं।
विज्ञापन

3 of 4
yoga - फोटो : pixa
वज्रासन
यह आसन हृदयगति को नियंत्रित रखता है और स्ट्रेस हार्मोन ‘कॉर्टिसोल’ को घटाकर तनाव कम करता है। इसके अभ्यास से जांघों और पिंडलियों की नसें-मांसपेशियां मजबूत बनती हैं। पाचन तंत्र दुरुस्त रहता है, पीठ और पैर दर्द में आराम मिलता है। इसे करने के लिए फर्श पर दोनों पैर सामने की ओर फैलाकर सीधे बैठें। दोनों हाथों को कुल्हे के पास ले जाकर फर्श पर टिकाएं। इस दौरान शरीर का पूरा भार हाथों पर न आए। अब पहले दायां, फिर बायां पैर मोड़कर कूल्हे के नीचे रखें। सुनिश्चित करें कि दोनों जांघें और पैर के अंगुठे आपस में सटे हों।
विज्ञापन

4 of 4
yoga - फोटो : pixa
भ्रमण प्राणायाम
भ्रमण प्राणायाम मुख्य रूप से सांस लेने-छोड़ने से संबंधित होता है। इसे ब्रीदिंग तकनीक भी कह सकते हैं। इसे करना बहुत सरल है। इसे करने के लिए जब आप टहलते हैं, तब उस समय करें। टहलने के दौरान शरीर को सीधा रखते हुए सांस धीरे-धीरे लें। जब अच्छी तरह से गहरी सांस ले लें, तो उसके बाद सांस छोड़ दें। ध्यान रहे कि सांस लेने से ज्यादा समय आपको सांस छोड़ते समय लगाना है। सांस को 5 से 7 कदमों के बीच तक अंदर ही रोके कर रखें और फिर धीरे-धीरे सांस को छोड़ें। इस प्रक्रिया को कम से कम 10 बार जरूर दोहराएं। यह प्राणायाम नकारात्मक भावनायें जैसे क्रोध, झुंझलाहट, निराशा और चिंता से मुक्त करता है। एकाग्रता, स्मृति और आत्म विश्वास को बढ़ाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें