आज से कुछ सालों पहले तक यह स्थिति हुआ करती थी कि छोटे- छोटे गांवों में नदी, नहर और तालाब दिखाई पड़ते थे। अतिवृष्टि होने पर गांव के गांव जलमग्न हो जाया करते थे। आज स्थिति यह है कि धीरे-धीरे सारे ताल-तलैया सूखते जा रहे हैं। यह तो बात हुई उस देश की जहां हम निवास करते हैं, जहां पीने योग्य जल की उपलब्धता है। विश्व में कई सारे देश ऐसे हैं, जहां पीने का स्वच्छ जल न होने के कारण लोग जीवन त्याग देते हैं। स्वच्छ जल के संरक्षण के लिए और इस समस्या का समाधान खोजने के लिए ही विश्व जल दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। अगली स्लाइड्स से जानिए इसका महत्व और अन्य जरूरी जानकारी।