दुनिया के लिए खेती कितनी बुरी?
दुनिया भर के वैश्विक ग्रीन हाउस उत्सर्जन में खेती और वनों को उगाने में इस्तेमाल भूमि की हिस्सेदारी लगभग 25 फीसदी है। लगभग इतनी ही हिस्सेदारी बिजली, वातावरण करने की मशीनों, दुनिया की सभी ट्रेनों, हवाई जहाजों और ऑटोमोबाइल की है। लेकिन अगर आप खाद्यान्न क्षेत्र का दुनिया के पर्यावरण पर असर समझें तो आपको पता चलेगा कि मांसाहार और डेयरी उत्पाद पर्यावरण के लिए बेहद नुकसानदायक हैं। वैश्विक ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन में मवेशियों की हिस्सेदारी 14 फीसदी है। वहीं, इंसानी से जुड़ी गतिविधियों से पैदा होने वाली ग्रीन हाउस गैसों में मवेशियों की हिस्सेदारी 18 फीसदी है। अगर दूसरी ग्रीन हाउस गैसों की बात करें तो खेती मीथेन और नाइट्रस ऑक्साइड के उत्सर्जन में बड़ी भूमिका अदा करती है। इसी तरह से अगर पानी, खेती और खाद्यान्न के उत्पादन की बात करें तो ये एक बड़ा ख़तरा है क्योंकि ये दुनिया भर के पेयजल स्रोतों का 70 फीसदी हिस्से का उपभोग करते हैं।