4 जनवरी को हर साल विश्व ब्रेल दिवस मनाया जाता है। दुनियाभर में दृष्टिबाधितों के लिए ये दिन बहुत खास है। ब्रेल दिवस लुईस ब्रेल नाम के शख्स के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है। लुईस ब्रेल एक आविष्कारक हैं, जिन्होंने ब्रेल लिपि का आविष्कार किया था। ब्रेल लिपि एक भाषा है, जिसका उपयोग आंखों से देख न पाने वाले लोग लिखने और पढ़ने के लिए करते हैं। जो लोग जन्मजात या किसी कारण वश अपनी आंखों की रोशनी खो देते हैं, उनके लिए समाज में अन्य लोगों के बराबर खड़े होने, उन्हें पढ़ाई से वंचित न होना पड़े और वह अपनी शारीरिक कमी के बाद भी आत्मनिर्भर बन सकें, इसके लिए ब्रेल लिपि का आविष्कार करके लुईस ब्रेल दुनियाभर के दृष्टिबाधितों के मसीहा बन गए। हालांकि जब वह जीवित थे, तब उनके काम को सम्मान नहीं मिला, लेकिन बाद में विश्व ब्रेल दिवस की शुरुआत उनके ही जन्मदिन पर करके लुईस ब्रेल को सम्मान दिया गया। चलिए जानते हैं ब्रेल लिपि के बारे में, कैसे हुआ इसका आविष्कार? लुईस ब्रेल कौन थे? विश्व ब्रेल दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई?