अपने देश में देवी-देवताओं के तो मंदिर बहुत हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपने देश में एक भारतीय सैनिक का मंदिर भी है, जहां दूर-दूर से लोग शीश नवाने पहुंचते हैं। कहा जाता है कि इस भारतीय सैनिक ने मृत्यु के बाद भी सेना की नौकरी नहीं छोड़ी।सुनने में थोड़ा अजीब सा जरूर लग रहा होगा, लेकिन ये हकीकत है। सिक्किम की राजधानी गंगटोक में जेलेप दर्रे और नाथुला दर्रे के बीच 14 हजार फीट की ऊंचाई पर बने इस मंदिर में दूर-दूर से लोग दर्शन करने पहुंचते हैं। केवल भारतीय सेना ही नहीं, चीनी सेना भी उनके सम्मान में शीश नवाती है। हम बता रहे हैं सिपाही से बाबा बनें हरभजन सिंह की कहानी, जिसे पढ़कर आपका मन भी एक बार वहां जाने का जरूर करेगा: