दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे व्यस्त सार्वजनिक पुस्तकालय है
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दिल्ली सार्वजनिक पुस्तकालय
1951 में यूनेस्को परियोजना के रूप में इसका शुभारम्भ किया गया था। यह दक्षिण पूर्व एशिया का सबसे व्यस्त सार्वजनिक पुस्तकालय है। इस पुस्तकालय की अनेक शाखा, उपशाखाएं पूरी दिल्ली में फैली हैं और क़रीब 18 लाख पुस्तकों का संग्रह यहां मौजूद है। पुस्तकालय में 9,431 ग्रामोफोन, रिकार्ड्स और कैसेट का स्टाॅक मौजूद है। किताबी कीड़े भारी मात्रा में इस पुस्तकालय में आते हैं क्योंकि यहां आकर उनकी सारी आवश्यकताएं पूरी हो जाती है।