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सालों पहले गुवाहटी को क्यों कहा जाता था प्राग्ज्योतिषपुर? जानिए भारत के प्रसिद्ध शहरों के रोचक प्राचीन नाम 

Wed, 13 Jan 2021 10:01 AM IST
तेजस्वी मेहता लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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पुरान शहरों के प्राचीन नाम - फोटो : Social media

भारत के इतिहास की जड़ें बहुत गहरी है। इतने सालों में इस देश में जाने कितने ही राज्य बने, कितने ही शासकों ने राज्य किया और समय के साथ प्रदेशों के नाम भी बदलते गए। घर में यदि किसी छोटे बच्चे का जन्म होता है तो उसका नाम रखने में भी घर वालों को न जाने कितने दिन बीत जाते हैं। नाम का अर्थ, शिशु के गुण आदि पर विचार किया जाता है तो यह तो तय बात है कि देश की इन पुरानी नगरियों के नाम भी यूं ही तो नहीं रख दिये गए होंगे। अगली स्लाइड्स से जानिए भारत के इन पुरान शहरों के प्राचीन नाम और उनसे जुड़ी कथाओं के बारे में।
 

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प्राग्ज्योतिषपुर - फोटो : social media

प्राग्ज्योतिषपुर
वर्तमान की गुवाहटी को प्राग्ज्योतिषपुर कहा जाता था।आदिकाव्य रामायण, महाभारत और पुराणों में इसका उल्लेख मिलता है। यह कामरूप की प्राचीन राजधानी थी। कालिकापुराण के अनुसार ब्रह्माजी ने यहां नक्षत्रों का निर्माण किया था इसलिए यह नगर प्राक् (प्राचीन या पूर्व) और ज्योतिष (नक्षत्र) कहलाया।

 

 

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भाग्यनगर - फोटो : Facebook/Shahab Alam

भाग्यनगर
आज का हैदराबाद किसी समय भाग्यनगर भी कहलाता था। कुतुबशाही शासक मुहम्मद कुली कुतुब शाह (1580-1612 ईस्वी) ने भाग्यमती नामक स्त्री के नाम पर भाग्यनगर की स्थापना की थी। उसने ही प्रसिद्ध चारमीनार का निर्माण करवाया था। अबुल फज़ल द्वारा रचित अकबरनामा में भी भाग्यनगर का ज़िक्र मिलता है।

 

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अजयमेरु - फोटो : सोशल मीडिया

अजयमेरु
राजस्थान में स्थित अजमेर को ही अजयमेरु कहा जाता था। चौहान राजा सोमेश्वर के बिजहोली शिलालेख (विक्रम संवत 1226) पर अजयमेरु का नाम मिलता है। अधिकतर इतिहासकारों के मतानुसार चौहान राजा अजयदेव या अजयराज ने 1100 से 1125 ईस्वी में अजयमेरु की स्थापना की थी।

 

 

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पुरुषपुर - फोटो : social media
पुरुषपुर
पेशावर किसी समय पुरुषपुर कहलाता था. ईसा की दूसरी शताब्दी में कुषाण सम्राट कनिष्क ने पुरुषपुर बसाकर उसे अपनी राजधानी बनाया था। यह गांधार मूर्तिकला का प्रसिद्ध केंद्र था। इसका सामरिक महत्व भी अधिक था क्योंकि यह भारत के प्रवेश द्वार कहे जाने वाले यह खैबर दर्रे पर स्थित था।
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कर्णावती - फोटो : indiarailinfo.com

कर्णावती
11 वीं शताब्दी में अहमदाबाद को कर्णावती कहा जाता था। सोलंकी राजा कर्णदेव-प्रथम ने अशपाल को हराकर साबरमती नदी के किनारे कर्णावती नगर बसाया। वर्ष 1411 में गुजरात के तत्कालीन शासक अहमद शाह ने अहमदाबाद शहर की नींव रखी। 2017 में अहमदाबाद भारत का पहला विश्व धराेहर शहर बना।


 

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कान्यकुब्ज - फोटो : सोशल मीडिया

कान्यकुब्ज
कन्नौज का नाम इतिहास में बहुत विख्यात है। यही कन्नौज एकसमय कान्यकुब्ज हुआ करता था। पौराणिक कथानुसार महाराज कुशनाभ की सौ पुत्रियां वायुदेव के श्राप से कुब्जा (कुबड़ी) हो गई थीं, इसलिए इसका नाम कुबड़ी कन्याओं का शहर-कान्यकुब्ज पड़ा। 7 वीं शताब्दी में सम्राट हर्षवर्धन की राजधानी के रूप में कन्नौज चरमोत्कर्ष तक पहुंचा।  

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