हमारे आसपास कई तरह के जीव-जंतु रहते हैं, जिनमें से एक है बाघ। घने जंगलों में रहने वाले बाघों को बचाने के लिए कई तरह के अभियान चलाए जाते हैं। कुछ साल पहले इनकी संख्या इतनी कम हो गई थी कि लगता था कि कहीं ये विलुप्त न हो जाएं। वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर के मुताबिक, पिछले 150 सालों में जंगली बाघों की संख्या में 95 प्रतिशत से भी अधिक की गिरावट आई है। ऐसे में हर साल 29 जुलाई को बाघों की पारिस्थतिकीय महत्व को उजागर करने के लिए विश्व बाघ दिवस मनाया जाता है। इसकी शुरुआत साल 2010 मे सेंट पीटर्सबर्ग टाइगर शिखर सम्मेलन में हुई थी। तो चलिए इस दिन के मौके पर हम आपको भारत के कुछ ऐसे बड़े टाइगर रिजर्व के बारे में बताते है, जहां बाघों की काफी संख्या है जिसकी वजह से यहां हर साल काफी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। तो चलिए जानते हैं इन जगहों के बारे में।