इसी जगह पर राक्षस चंड-मुंड देवी दुर्गा से युद्ध करने आए थे। इसके बाद काली का रूप धारण कर देवी ने उनका वध कर दिया। मंदिर बड़ा लंबा और दो मंजिला है। जिसमें पहले तल पर ही मां की भव्य मंदिर विराजमान है। मुख्य मंदिर के पीछे एक गहरी गुफा है जिसमें भगवान शंकर का मंदिर है। इस मंदिर में एक बार में एक ही भक्त प्रवेश कर पाता है।