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Two Wheeler: जब करवानी हो टू व्हीलर की सर्विसिंग, इन बातों का जरूर रखें ध्यान

Sun, 04 Sep 2022 10:50 AM IST
स्वाति शर्मा लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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समय पर सर्विसिंग, गाड़ी की उम्र बढ़ाए - फोटो : Pure EV
शहर भले ही अब भी उतने ही बड़े हैं लेकिन समय की रफ्तार ने हर दूरी को बढ़ा डाला है। ऐसा लगता है जैसे कि हर एक व्यक्ति जल्दी में कहीं जाना चाहता है। हालाँकि यह व्यस्तता विकास की भी निशानी है। इसलिए मनुष्य ने कम समय में जल्दी काम करवाने के लिए आविष्कार किया संसाधनों का, मशीनों का। ऐसा ही एक उपयोगी संसाधन अब बन गए हैं टू व्हीलर। कहीं भी आना-जाना हो, छोटा-मोटा सामान लाना ले जाना हो। टू व्हीलर से ये काम आसान हो जाते हैं।  लेकिन हर अन्य मशीन और संसाधन की तरह ही टू व्हीलर भी रखरखाव मांगते हैं। 

सर्विसिंग और मेंटेनेंस, टू व्हीलर के लिए एक बहुत महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। इसके जरिये न केवल वाहन को लम्बे समय तक दुरुस्त रखने में मदद मिल सकती बल्कि अचानक कभी भी वाहन के खराब हो जाने की स्थिति भी कम से कम बनती है। इतना ही नहीं सही तरीके से समय समय पर होने वाली सर्विसिंग से वाहन की रीसेल वैल्यू भी ठीक बनी रहती है। इसलिए आवश्यक है कि वाहन की सर्विसिंग को लेकर ख़ास ध्यान रखा जाये और नियमित अंतराल पर इसे करवाया जाए। जानिए इसी संदर्भ में कुछ जरूरी बिंदु। 
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गाड़ी की फिटनेस के लिए जरूरी - फोटो : Google
सर्विसिंग के साथ लम्बी होगी उम्र 

कोई भी मशीन लगातार चलते हुए थकती भी है और घिसती भी है। बाइक, स्कूटरेट या अन्य दो पहिया वाहन इससे परे नहीं हैं। लम्बे समय तक अच्छी सेवाएं देने के लिए इनका मेंटेनेंस भी जरूरी है। ठीक वैसे ही जैसे हम अपने शरीर को फिट बनाये रखने के लिए एक्सरसाइज, जिमिंग, पोषक भोजन, मालिश आदि का उपयोग करते हैं। टू व्हीलर की सर्विसिंग में कई चीजें आती हैं और यह पूरी गाड़ी को फिट बनाये रखती हैं। इससे न केवल गाड़ी का माइलेज और ब्रेक आदि दुरुस्त रहते हैं, बल्कि आपातकाल में कभी गाड़ी अचानक खराब होने की आशंका कम से कम हो जाती है।  इसलिए जरूरी है कि समय पर गाड़ी की सर्विसिंग की ओर ध्यान दिया जाए। 
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अवधि का ध्यान रखें - फोटो : iStock
इन बातों को रखें ध्यान में 

गाड़ी खरीदते समय  मैन्युअल या सर्विस कार्ड मिलता है ज्यादातर बातें तो इसी से समझी जा सकती हैं। इसके अलावा गाड़ी खरीदते समय भी सर्विसिंग के बारे  में विस्तार से बताया जाता है। इन बातों को एक पेपर में नोट कर लें और कार्ड को हमेशा संभाल कर रखें। इसके अतिरिक्त जिन बातों का ध्यान सर्विसिंग के दौरान रखना चाहिए वे इस प्रकार हैं-

नई गाड़ी खरीदने के बाद की शुरूआती सर्विसिंग फ्री होती हैं और इनके लिए आपके सर्विस कार्ड में बकायदा कूपन दिए होते हैं। ये सर्विसिंग गाड़ी के कुछ किलोमीटर चलने या कुछ माह की अवधि बीतने के बाद करवाने का विकल्प होता है। कई कंपनियां एक से ज्यादा सर्विसिंग भी फ्री देती हैं लेकिन फ्री सर्विसिंग में अधिकांशतः गाड़ी की धुलाई, ऑइल चेंज व चैकअप ही शामिल होता है। यदि इससे ज्यादा कुछ करवाना होता है तो उसके लिए अलग अलग नियम व सुविधाएँ हो सकती हैं। इसलिए इस बारे में गाड़ी खरीदते समय ही पूरी जानकरी लेकर रखें। 

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सही मैकेनिक को चुनें - फोटो : TVS
सर्विसिंग सही जगह पर करवाएं 

यदि गाड़ी में खरीदने के कुछ ही दिनों के भीतर पार्ट्स संबंधी कोई परेशानी आ रही है या गाड़ी स्टार्ट करते समय, चलाते समय कोई दिक्कत दे रही है तो तुरंत डीलर को बताएं। मेन्युफेक्चरिंग से संबंधित समस्या होने पर पार्ट्स को निशुल्क बदलना या जरूरत पड़ने पर गाड़ी को ही बदलकर देने का प्रावधान है। इस बात का हमेशा ध्यान रखें। 

गाड़ी की सर्विसिंग जहां तक हो सके कम्पनी के सुझाये आउटलेट में ही करवाएं। ऐसा अक्सर होता है कि नई गाड़ी की फ्री सर्विसिंग तो लोग कम्पनी में करवाते हैं लेकिन उसके बाद वे कहीं भी बाहर सर्विसिंग करवाने लगते हैं। थोड़ी बहुत बचत के लिए किसी के भी हाथ में गाड़ी देना गलत निर्णय भी साबित हो सकता है। यदि आप बाहर सर्विसिंग करवाते भी हैं तो यह ध्यान रखें कि मैकेनिक या सर्विस सेंटर भरोसेमंद और आपकी गाड़ी को समझने वाला हो। प्राथमिकता उसी सर्विस स्टेशन को दें जहाँ बकायदा जॉब कार्ड बनता हो। 
 
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इंश्योरेंस से मिलेगी गाड़ी को सुरक्षा - फोटो : सोशल मीडिया
इंश्योरेंस, ऑइल चेंज और ब्रेक पर भी दें ध्यान 

गाड़ी का इंश्योरेंस हमेशा समय पर रिन्यू करवाएं और यह ध्यान में रखें कि इंश्योरेंस में क्या क्या कवर किया गया है। अधिकांशतः गाड़ी खरीदते समय डीलर्स ही आपको इंश्योरेंस पॉलिसी भी सजेस्ट करते हैं। लेकिन हमेशा इंश्योरेंस पॉलिसी वही लें जो आपको सभी तरह का कवर दे रही हो और स्थापित कम्पनी की हो। सर्विसिंग करवाते समय यदि आपको किसी पार्ट को चेंज करवाना है या बड़ी डेंटिंग-पेंटिंग का का काम है तो यह इंश्योरेंस बहुत काम आएगा। 

हर सर्विसिंग पर ऑइल चेंज करवाने और ब्रेक चैक करवाने का काम जरूर करें। खराब या बहुत लम्बे समय से उपयोग में आ रहा इंजन ऑइल कभी भी मुश्किल खड़ी कर सकता है और इससे गाड़ी अचानक बंद होने की स्थिति में भी आ सकती है। इसी तरह ब्रेक गड़बड़ होने से भी अचानक दुर्घटना होने का जोखिम बढ़ सकता है, खासकर स्कूटरेट (बिना गियर वाली गाड़ियों) में। 
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सही एयर प्रेशर है जरूरी - फोटो : social media
टायर और बैटरी पर करें गौर 

ये सच है कि आजकल बहुत अच्छी क्वालिटी के टायर्स टू व्हीलर्स में भी डाले जा रहे हैं लेकिन समय के साथ ये भी घिसते हैं और बार बार पंक्चर होने पर इन्हें भी बदलने की जरूरत पड़ती ही है। अक्सर लोग टायर्स को तब तक चलाने की फिराक में रहते हैं जब तक वे बिलकुल बेकार नहीं हो जाते। यदि आप अपनी गाड़ी के टायरों में सही और संतुलित एयर प्रेशर रखते हैं, नियमित उनकी सफाई करते हैं और अच्छी सड़क पर उन्हें काम में ले रहे हैं तो उनकी उम्र लम्बी हो सकती है लेकिन फिर भी एक निश्चित अंतराल पर उन्हें चेंज करने की जरूरत होती ही है। इसलिए हर सर्विसिंग पर टायर्स को चैक जरूर करवाएं। 
अगर गाड़ी ज्यादा समय तक एक जगह खड़ी रहती है, कम काम में आती है तो भी यह सुनिश्चित करें कि उनकी बैटरी पूरी तरह चार्ज होती रहे। वरना बैटरी खराब हो सकती है। अधिकांशतः अच्छी बैटरी को सर्विसिंग के समय भी चार्ज किया जाता है, इस सुविधा का लाभ भी जरूर लें। सर्विसिंग के समय यह भी चैक करें कि बैटरी को अच्छी तरह साफ़ किया गया हो और इसका इलेक्ट्रोलाइट लेवल कम न हों। 
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हर चीज को नोट करें - फोटो : सोशल मीडिया
आवाज़ से लेकर क्लच तक 

दो पहिया वाहन को सर्विसिंग पर देते समय यदि समस्या अधिक हैं तो हर चीज की लिस्ट बनायें। जब आप इस लिस्ट के मुताबिक सर्विसिंग करने वाले से बात करते हैं तो काम पक्का होता है और आपकी हर समस्या का समाधान मिल सकता है। जैसे गाड़ी चलाते समय किसी जगह आवाज़ आ रही है, क्लच ठीक से काम कर रहा है या नहीं, ब्रेक शू की क्या हालत है, हॉर्न और इंडिकेटर्स चल रहे हैं या नहीं, गाड़ी के सेल्फ स्टार्ट या किक में कोई दिक्कत तो नहीं, आदि। इसके लिए सर्विसिंग पर गाड़ी को देने से दो दिन पहले ही सारी बातें नोट करके रखें। 

सर्विसिंग पर गाड़ी छोड़ने से पहले उसका पेट्रोल और बॉडी चैक कर लें और सर्विसिंग वाले को नोट करवा दें कि आप गाड़ी किस हाल में छोड़ कर जा रहे हैं। सर्विसिंग के दौरान होने वाले स्क्रेचेस या अन्य गड़बड़ियों को लेकर सर्विस स्टेशन वाले अपने वर्कर की गलती से मुकर सकते हैं। आप चाहें तो सर्विसिंग पर देते समय गाड़ी का फोटो भी खींच सकते हैं। इसी तरह सर्विसिंग पर डालने से कुछ दिन पहले ज्यादा पेट्रोल न भरवाएं। 
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बेवजह कोई पार्ट चेंज न करवाएं - फोटो : istock
एक्सेसरीज बाहर निकाल लें 

टूलकिट व अन्य महंगी एक्सेसरीज गाड़ी से निकालने के बाद ही सर्विसिंग करवाएं। मैकेनिक को सर्विसिंग के लिए आपके टूलकिट की जरूरत तो होगी नहीं, वहीं महंगी एक्सेसरीज के गायब होने की आशंका अक्सर होती है। इस स्थिति से बचें। यदि आप अपनी गाड़ी की कोई समस्या मैकेनिक को समझा नहीं पा रहे हैं तो उसके साथ एक राइड पर जाना सबसे बेहतर विकल्प होगा। इससे आप उसे सटीक तरीके से समझा सकेंगे। यदि सर्विसिंग के पहले अचानक या सर्विसिंग पर गाड़ी डालकर आने के बाद किसी पार्ट को चेंज करवाने के लिए कहा जाता है तो उसकी पूरी वजह जानें और हमेशा अच्छे ब्रांड का पार्ट ही पूरी जानकारी लेने के बाद लगवाएं। बेवजह किसी भी रिप्लेसमेंट या एक्सचेंज के लिए तैयार न हो जाएँ। यदि आपको इसकी जानकारी न हो तो किसी परिचित से इसके बारे में राय लें। 
 
एक और महत्वपूर्ण चीज, हमेशा सर्विसिंग के चार्जेस और लेबर को लेकर क्लियर बात करें। पहले से ही एक अंदाजा पूछ लें कि टोटल कितना होगा। यह भी स्पष्ट करें कि मैकेनिक अच्छे से हर चीज चैक करके सर्विसिंग के पहले ही बताये क्योंकि बाद में एक्स्ट्रा बिल आने पर आप जिम्मेदार नहीं होंगे। 
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