Relationship Tips: अक्सर अभिभावक बच्चों की सेहत और उनके जीवन से जुड़ी हर बात का ध्यान रखते हैं, लेकिन जब बात खुद के स्वास्थ्य की होती है, तो वह लापरवाही करते हैं । कई बार बच्चों को खाँसी या छींक आने पर घरेलू नुस्खों से लेकर डॉक्टर की कड़वी दवाओं तक इलाज अपनाने वाली माँ खुद तेज बुखार को भी अनदेखा कर देती हैं । पिता के बीमारी पड़ने पर मां उनका भी ख्याल रखती हैं, लेकिन आमतौर पर मां के स्वास्थ्य का ध्यान रखने वाला कोई नहीं होता । कम उम्र के बच्चे माता पिता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क नहीं होते, लेकिन बड़े होने पर वह भी माता-पिता का उसी तरह ख्याल रखने लगते हैं, जैसे एक माँ रखती है।
हालांकि पढ़ाई और नौकरी के कारण घर से दूर रहने वाले बच्चे चाह कर भी माता-पिता की सेहत की निगरानी नहीं कर पाते। ऐसे में जो बच्चे घर से दूर हैं यानी नौकरी या पढ़ाई के लिए दूसरे शहरों में रहते हैं, वह कुछ तरीकों को अपना कर माता या पिता की देखरेख कर सकते हैं ।