सुमन अग्रवाल
Signs Of Bullying: स्कूल या कॉलेज में अक्सर बच्चे बुलिंग का शिकार हो जाते हैं। यह बुलिंग शारीरिक, मौखिक या साइबर हो सकती है। ऐसे बच्चे अक्सर चुपचाप सहते हैं। अक्सर स्कूल, कॉलेज या फिर कोचिंग सेंटर में बच्चों के साथ बुलिंग की घटनाएं सामने आती हैं। बच्चे एक-दूसरे को छेड़ते हैं, छोटी उम्र में दादागिरी दिखाते हैं, इमोशनली एक-दूसरे को टॉर्चर करते हैं। पहले बुलिंग मस्ती-मजाक, धक्का-मुक्की, छेड़छाड़ और टांग खिंचाई तक ही सीमित थी, लेकिन अब यह इमोशनल, सेक्सुअल और यहां तक कि साइबर बुलिंग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। जो बच्चे दूसरे की बुलिंग करते हैं, वे खुद एक कमजोर मानसिकता का शिकार रह चुके होते हैं, या फिर परिवार में इसी तरह के माहौल को देखकर बड़े हुए होते हैं, इसलिए वे एक पीड़ित ढूंढते हैं और उस पर भड़ास निकालते हैं। कई बच्चों का यह स्वभाव होता है कि वे दूसरों को नियंत्रित करें या उन पर अपना रौब दिखाएं, ताकि वे उन्हें शक्तिशाली और बड़ा समझें। ऐसे बच्चों को लगता है कि उनका व्यवहार आम है, वे तो बस मस्ती कर रहे हैं, लेकिन उनकी मस्ती दूसरों के लिए बहुत गंभीर साबित हो जाती है और उन्हें अपनी गलती का अहसास तक नहीं होता है।