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Parenting Tips: माता-पिता बच्चों को दें इन पांच कामों की आजादी, बढ़ेगा आत्मविश्वास और होगा बेहतर मानसिक विकास

Mon, 17 Mar 2025 06:19 PM IST
शिवानी अवस्थी लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला

सार

जब बच्चों को सही दिशा में आजादी मिलती है, तो उनका आत्मविश्वास और मानसिक विकास बेहतर होता है, जिससे वे भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार व्यक्ति बनते हैं। माता -पिता को बच्चों को पांच कामों में स्वतंत्रता देनी चाहिए, जो इस लेख में बताए जा रहे हैं।
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बच्चों को दें इन पांच कामों की आजादी - फोटो : Adobe
Parenting Tips :  बच्चों की बेहतर परवरिश के लिए अनुशासन की जरूरत होती है। इसके लिए माता-पिता बच्चों पर कुछ नियंत्रण रखते हैं और नियम कायदे बनाते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा नियंत्रण बच्चों के आत्मविश्वास और मानसिक विकास पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। जब माता पिता बच्चों पर जरूरत से ज्यादा नियंत्रण रखते हैं और उनकी स्वतंत्रता को छीन लेते हैं तो वह गलत राह अपनाने के लिए प्रेरित हो सकते हैं या फिर कमजोर व्यक्तित्व वाले बन सकते हैं।

बच्चों को आत्मनिर्भर, आत्मविश्वासी बनाने के लिए जरूरी है कि कुछ बातों या कामों की स्वतंत्रता उन्हें दी जाए। हालांकि स्वतंत्रता देने का मतलब यह नहीं कि उन्हें पूरी तरह अनियंत्रित छोड़ दिया जाए, बल्कि इसका अर्थ है कि माता-पिता उन्हें मार्गदर्शन दें और सही निर्णय लेने के लिए प्रेरित करें। जब बच्चों को सही दिशा में आजादी मिलती है, तो उनका आत्मविश्वास और मानसिक विकास बेहतर होता है, जिससे वे भविष्य में एक सफल और जिम्मेदार व्यक्ति बनते हैं। माता -पिता को बच्चों को पांच कामों में स्वतंत्रता देनी चाहिए, जो इस लेख में बताए जा रहे हैं।


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अपने मन की बात कहने की आजादी - फोटो : iStock
अपने मन की बात कहने की आजादी

बच्चे जिज्ञासु होते हैं। अपने आसपास की चीजों को देखकर उनके मन में कई तरह की बातें आती हैं। अपनी जिज्ञासाओं को अक्सर वह माता पिता के सामने जाहिर करते हैं लेकिन कई बार माता-पिता उन्हें डांटकर चुप करा देते हैं या उनकी बातों में रुचि नहीं दिखाते हैं। इससे बच्चे अपनी मन की बात या विचार शेयर करना बंद कर देते हैं। उनका आत्मविश्वास कम होने लगता है और दूसरों के सामने वह खुद को जाहिर नहीं कर पाते हैं। माता पिता उन्हें ये आजादी दें कि मन में आने वाले सवाल या विचार को वह खुलकर आपके सामने जाहिर करें।
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दूसरों से घुलने मिलने की आजादी - फोटो : Pixabay
दूसरों से घुलने मिलने की आजादी

बच्चों को अपने दोस्त चुनने की आजादी देनी चाहिए। उनके पास अपना सामाजिक जीवन जीने की स्वतंत्रता होनी चाहिए। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों को अच्छे और बुरे दोस्तों की पहचान करना सिखाएं, लेकिन उनके सामाजिक संबंधों पर पूरी तरह नियंत्रण न रखें। इससे वे सामाजिक रूप से मजबूत बनेंगे और अच्छे-बुरे का अनुभव खुद कर पाएंगे।  

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कुछ निर्णय खुद से लेने की आजादी - फोटो : freepik.com
कुछ निर्णय खुद से लेने की आजादी

बच्चा किसी भी उम्र का हो, उसके छोटे-छोटे फैसलों लेने की आजादी दें। जैसे कौन से कपड़े पहनने हैं, कौन सी किताब पढ़नी है, किस खेल में भाग लेना है आदि। उनमें निर्णय लेने की क्षमता का विकास इन्हीं छोटे फैसलों के माध्यम से होगा। इस तरह वह जीवन में आत्मनिर्भर बन पाएंगे और भविष्य में अपने जीवन से जुड़े फैसले लेने में डर या संकोच नहीं करेंगे।
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रुचि या हॉबीज अपनाने की आजादी   - फोटो : freepik.com
रुचि या हॉबीज अपनाने की आजादी  

हर बच्चे की अपनी अलग रुचियां हो सकती हैं। किसी बच्चे को संगीत सीखना पसंद होगा तो कोई कला में रुचि रखता होगा। कोई किसी खेल विशेष की चाह रखता होगा। माता-पिता बच्चों को उनकी रुचि ,शौक या हॉबीज को अपनाने की स्वतंत्रता दें, ना कि अपनी रुचि का उन पर दबाव बनाएं। इससे उनकी रचनात्मकता में निखार आएगा और मानसिक रूप से मजबूत बन सकेंगे।
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गलतियां करने और उसके सीखने की आजादी - फोटो : Istock
गलतियां करने और उसके सीखने की आजादी

माता-पिता अक्सर बच्चों पर दबाव डालते हैं कि वह किसी तरह की गलती न करें लेकिन गलतियां जीवन का हिस्सा है और हर इंसान गलतियां करता है। बच्चों को गलती करने से न रोकें बल्कि अपनी गलतियों से सबक लेने की आजादी दें। इससे उनमें अच्छे-बुरे की समझ विकसित होगी। गलतियों परर बार-बार डांटने या उनकी गलतियों को ठीक करने के बजाय, उन्हें समझाएं कि कैसे वे अपनी गलतियों को सुधार सकते हैं।
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