माइक्रो वेडिंग के नुकसान
- फोटो : Instsgram/weddingwire
माइक्रो वेडिंग के नुकसान
रिश्तेदारों की नाराजगी
माइक्रो वेडिंग एक छोटा व्यक्तिगत समारोह होता है, इसलिए कपल के लिए यह तय कर पाना मुश्किल होता है कि शादी में किसे आमंत्रित करें और किसे नहीं। उन्हें कुछ ऐसे लोगों को लिस्ट से हटाना होता है जो जरूरी हो सकते हैं। ऐसे में कई दोस्त व रिश्तेदार इससे नाराज भी हो जाते हैं।
भव्यता की कमी
शादी को लेकर अक्सर लड़का-लड़की या उसके माता-पिता काफी सपने देखते हैं। अगर किसी ने भव्य शादी का सपना देखा है, तो यह विकल्प थोड़ा फीका लग सकता है। जब जोड़े माइक्रो वेडिंग का विकल्प चुनते हैं, तो वे अपने इस खास दिन पर पारंपरिक धूमधाम से चूक सकते हैं और उन्हें बड़े आयोजन का अवसर नहीं मिल सकता है।
सामाजिक दबाव
भारत में शादी को एक सामूहिक उत्सव माना जाता है, इसलिए माइक्रो वेडिंग करने पर लोगों की राय और समाज का दबाव झेलना पड़ सकता है। चूंकि ये भारत में एक नया काॅन्सेप्ट है इसलिए इसे पारंपरिक शादी के खिलाफ माना जाता है, और इस तरह की शादी के लिए घर के बड़े बुजुर्गों को मनाने में मुश्किल आ सकती है।